घर में दाखिल होना & निकलना
16 दुआएं
1
بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا، وَبِسْمِ اللَّهِ خَرَجْنَا، وَعَلَى اللَّهِ رَبِّنَا ت…
अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए, और अल्लाह के नाम से हम निकले, और हमने अपने रब अल्लाह पर ही भरोसा किया।
2
بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِا…
अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, और अल्लाह के सिवा न (गुनाहों से बचने की) कोई ताक़त है और न (नेकी करने की) कोई कुव्वत।
3
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ أَنْ أَضِلَّ أَوْ أُضَلَّ، أَوْ أَزِلَّ أَوْ أُزَ…
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ कि मैं गुमराह हो जाऊँ या गुमराह कर दिया जाऊँ, या मैं फिसल जाऊँ या मुझे फिसला दिया जाए, या मैं किसी पर ज़ुल…
4
اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُورًا، وَفِي لِسَانِي نُورًا، وَاجْعَلْ فِي سَمْ…
ऐ अल्लाह, मेरे दिल में नूर पैदा कर दे, मेरी ज़ुबान में नूर, मेरे कानों में नूर, और मेरी आँखों में नूर पैदा कर दे।
5
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ الْمَوْلَجِ وَخَيْرَ الْمَخْرَجِ، بِسْمِ الل…
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे दाखिल होने और निकलने की भलाई मांगता हूँ। अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए और अल्लाह के नाम से हम निकले, और हमने अपने रब अल्…
6
اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي بَيْتِي نُورًا وَفِي قَلْبِي نُورًا
ऐ अल्लाह, मेरे घर में नूर पैदा कर दे और मेरे दिल में नूर पैदा कर दे।
7
بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا وَبِسْمِ اللَّهِ خَرَجْنَا وَعَلَى رَبِّنَا تَوَكَّلْنَ…
अल्लाह के नाम के साथ हम दाखिल हुए और अल्लाह के नाम के साथ ही हम बाहर निकले, और हमने अपने रब पर भरोसा किया।
8
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ الْمَوْلَجِ وَخَيْرَ الْمَخْرَجِ بِسْمِ اللَ…
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दाखिल होने की बेहतरी और बाहर निकलने की बेहतरी का सवाल करता हूँ। अल्लाह के नाम के साथ हम दाखिल हुए और अल्लाह के नाम के सा…
9
اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي بَيْتِي نُورًا وَبَرَكَةً وَسَكِينَةً
ऐ अल्लाह! मेरे घर में नूर, बरकत और सुकून पैदा फरमा।
10
بِسْمِ اللَّهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِالل…
अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, और अल्लाह के सिवा न (गुनाहों से बचने की) कोई ताक़त है और न (नेकी करने की) कोई कुव्वत।
11
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ أَنْ أَضِلَّ أَوْ أُضَلَّ أَوْ أَزِلَّ أَوْ أُزَل…
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ कि मैं गुमराह हो जाऊँ या गुमराह कर दिया जाऊँ, या मैं फिसल जाऊँ या मुझे फिसला दिया जाए, या मैं किसी पर ज़ुल…
12
بِسْمِ اللَّهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّ…
अल्लाह के नाम के साथ। मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। अल्लाह की मदद के बिना न बुराई से बचने की हिम्मत है और न नेकी करने की ताक़त। (घर से निकलते …
13
السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ
हम पर और अल्लाह के नेक बंदों पर सलामती हो। (खाली घर में दाखिल होते समय)
14
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي بُيُوتِنَا وَأَهْلِينَا
ऐ अल्लाह! हमारे घरों में और हमारे घर वालों में बरकत अता फरमा।
15
اللَّهُمَّ أَدْخِلْنِي مُدْخَلَ صِدْقٍ وَأَخْرِجْنِي مُخْرَجَ صِدْقٍ وَاجْعَلْ ل…
ऐ अल्लाह! मुझे सच्चाई के साथ दाखिल कर और मुझे सच्चाई के साथ बाहर निकाल, और अपनी तरफ से मुझे एक मददगार कुव्वत अता फरमा।
16
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ الْمَوْلِجِ وَخَيْرَ الْمَخْرَجِ بِسْمِ اللَ…
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे दाखिल होने और निकलने की भलाई मांगता हूँ। अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए और अल्लाह के नाम से हम निकले, और हमने अपने रब अल्…