Qurani·قرآني
हिन्दी

वह किसी की पूजा का हकदार नहीं मगर अल्लाह ही है, न कोई साझी। उसी का सिंहासन है और — बाज़ार में दाखिल होना

لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ حَيٌّ لَا يَمُوتُ بِيَدِهِ الْخَيْرُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
लिप्यंतरण: Laa ilaaha illallaahu wahdahu laa shareeka lahu lahul-mulku wa lahul-hamdu yuhyee wa yumeetu wa huwa hayyun laa yamootu biyadihil-khayru wa huwa 'alaa kulli shay'in qadeer
अनुवाद: वह किसी की पूजा का हकदार नहीं मगर अल्लाह ही है, न कोई साझी। उसी का सिंहासन है और उसी का नाम है। वह जीवन देता है और मौत देता है। वह जीता रहता है और मरता नहीं। उसमें सारी भलाई है, और वह हर बात पर समर्थ है। (दुआ बाज़ार की — 1 मिलियन अच्छे कर्म लिखे गए)
संदर्भ: Tirmidhi 5:491, Al-Hakim
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