आईना देखना
7 दुआएं
1
اللَّهُمَّ أَنْتَ حَسَّنْتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي
ऐ अल्लाह! तूने मेरी सूरत अच्छी बनाई है, तो मेरे अख़्लाक़ (चरित्र) भी अच्छे कर दे।
2
الْحَمْدُ لِلَّهِ، اللَّهُمَّ كَمَا حَسَّنْتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي
तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं। ऐ अल्लाह! जिस तरह तूने मेरी बनावट अच्छी की है, उसी तरह मेरे अख़्लाक़ भी अच्छे कर दे।
3
اللَّهُمَّ كَمَا أَحْسَنْتَ خَلْقِي فَأَحْسِنْ خُلُقِي
ऐ अल्लाह! जिस तरह तूने मेरी बनावट को बेहतरीन बनाया है, उसी तरह मेरे अख़्लाक़ को भी बेहतरीन बना दे।
4
الْحَمْدُ لِلَّهِ اللَّهُمَّ كَمَا حَسَّنْتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي وَحَرِّمْ…
तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं। ऐ अल्लाह! जैसे तूने मेरी बनावट अच्छी की है, वैसे ही मेरे अख़्लाक़ भी अच्छे कर दे और मेरे चेहरे को आग (जहन्न…
5
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي سَوَّانِي فَأَحْسَنَ صُورَتِي وَزَانَ مِنِّي مَا شَانَ…
तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे दुरुस्त बनाया और मेरी सूरत अच्छी की, और मुझमें वह ख़ूबियाँ संवारीं जो दूसरों में कमी (ऐब) के त…
6
اللَّهُمَّ أَنْتَ حَسَّنْتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي
ऐ अल्लाह! तूने मेरी सूरत अच्छी बनाई है, तो मेरे अख़्लाक़ (चरित्र) भी अच्छे कर दे।
7
اللَّهُمَّ حَسِّنْ خُلُقِي كَمَا حَسَّنْتَ خَلْقِي
ऐ अल्लाह! जैसे तूने मेरी सूरत अच्छी बनाई है, वैसे ही मेरे अख़्लाक़ (चरित्र) को भी अच्छा बना दे।