नवजात
12 दुआएं
1
أُعِيذُكَ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ…
मैं तुम्हें अल्लाह के मुकम्मल कलिमों की पनाह में देता हूँ हर शैतान और ज़हरीले जानवर से, और हर नुकसान पहुँचाने वाली (बुरी) नज़र से।
2
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ فِي الْمَوْهُوبِ لَكَ، وَشَكَرْتَ الْوَاهِبَ، وَبَلَغَ أَشُ…
अल्लाह तुम्हें अता की गई इस नेमत में बरकत दे, और तुम अता करने वाले (अल्लाह) का शुक्र अदा करो, और यह अपनी जवानी को पहुँचे, और तुम्हें इसकी ने…
3
اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ بَارًّا تَقِيًّا وَأَنْبِتْهُ نَبَاتًا حَسَنًا
ऐ अल्लाह, इसे नेक और परहेज़गार बना और इसकी बेहतरीन परवरिश फरमा।
4
اللَّهُمَّ بَارِكْ فِيهِ وَاجْعَلْهُ مِنْ عِبَادِكَ الصَّالِحِينَ
ऐ अल्लाह, इसमें बरकत अता फरमा और इसे अपने नेक बंदों में शामिल कर।
5
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ ك…
मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमों की पनाह माँगता हूँ हर शैतान और ज़हरीले जानवर से, और हर नुकसान पहुँचाने वाली नज़र से।
6
اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ صَالِحًا تَقِيًّا وَأَنْبِتْهُ نَبَاتًا حَسَنًا
ऐ अल्लाह, इसे नेक और मुत्तकी बना और इसकी अच्छी तरह से परवरिश फरमा।
7
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ فِي الْمَوْهُوبِ لَكَ وَشَكَرْتَ الْوَاهِبَ وَبَلَغَ أَشُدَ…
अल्लाह तुम्हें अता की गई इस नेमत में बरकत दे, और तुम अता करने वाले (अल्लाह) का शुक्र अदा करो, और यह अपनी जवानी को पहुँचे, और तुम्हें इसकी ने…
8
اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ مِنَ الصَّالِحِينَ وَاحْفَظْهُ مِنْ كُلِّ سُوءٍ
ऐ अल्लाह, इसे नेक लोगों में शामिल फरमा और हर बुराई से इसकी हिफाज़त फरमा।
9
اللَّهُمَّ أَعِذْهُ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ
ऐ अल्लाह, इसे मरदूद शैतान से अपनी पनाह में रख।
10
اللَّهُمَّ أَنْبِتْهُ نَبَاتًا حَسَنًا وَاجْعَلْهُ بَارًّا تَقِيًّا
ऐ अल्लाह, इसकी बेहतरीन परवरिश फरमा और इसे फरमांबरदार और परहेज़गार बना।
11
اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ ذُخْرًا لِوَالِدَيْهِ وَفَرَطًا وَأَجْرًا
ऐ अल्लाह, इसे इसके माता-पिता के लिए ज़खीरा, पेशरौ और अज्र का ज़रिया बना।
12
اللَّهُمَّ اكْتُبْ لَهُ طُولَ الْعُمْرِ وَحُسْنَ الْعَمَلِ وَسَعَةَ الرِّزْقِ
ऐ अल्लाह, इसके लिए लंबी उम्र, नेक अमल और रिज़्क़ में कुशादगी लिख दे।