Qurani·قرآني
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बारिश

11 दुआएं

1 اللَّهُمَّ صَيِّبًا نَافِعًا ऐ अल्लाह! इस बारिश को हमारे लिए फ़ायदेमंद बना। 2 مُطِرْنَا بِفَضْلِ اللَّهِ وَرَحْمَتِهِ हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और उसकी रहमत से बारिश हुई। 3 اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا، اللَّهُمَّ عَلَى الْآكَامِ وَالظِّرَابِ… ऐ अल्लाह! हमारे आसपास बारिश बरसा, हम पर (तबाही के तौर पर) नहीं। ऐ अल्लाह! टीलों, पहाड़ों, वादियों और दरख़्तों के उगने की जगहों पर बारिश बरसा… 4 اللَّهُمَّ اسْقِنَا غَيْثًا مُغِيثًا مَرِيئًا مَرِيعًا نَافِعًا غَيْرَ ضَارٍّ عَ… ऐ अल्लाह! हमें ऐसी बारिश अता कर जो राहत देने वाली, खुशगवार, सैराब करने वाली और फ़ायदेमंद हो न कि नुकसानदेह, और वह जल्द आए, देर न करे। 5 اللَّهُمَّ اسْقِ عِبَادَكَ وَبَهَائِمَكَ وَانْشُرْ رَحْمَتَكَ وَأَحْيِ بَلَدَكَ … ऐ अल्लाह! अपने बंदों और अपने चौपायों को पानी पिला, अपनी रहमत फैला और अपनी मृत भूमि को जीवित कर दे। 6 اللَّهُمَّ صَيِّبًا نَافِعًا اللَّهُمَّ صَيِّبًا نَافِعًا ऐ अल्लाह! इसे लाभदायक वर्षा बना, ऐ अल्लाह! इसे लाभदायक वर्षा बना। 7 سُبْحَانَ الَّذِي يُسَبِّحُ الرَّعْدُ بِحَمْدِهِ وَالْمَلَائِكَةُ مِنْ خِيفَتِهِ पाक है वह जिसकी हम्द (प्रशंसा) के साथ बिजली कड़क तस्बीह करती है और फ़रिश्ते भी उसके डर से (तस्बीह करते हैं)। 8 مُطِرْنَا بِفَضْلِ اللَّهِ وَرَحْمَتِهِ हम पर अल्लाह के फ़ज़्ल और उसकी रहमत से बारिश हुई। 9 اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا اللَّهُمَّ عَلَى الْآكَامِ وَالظِّرَابِ … ऐ अल्लाह! हमारे आसपास बारिश बरसा, हम पर (तबाही के तौर पर) नहीं। ऐ अल्लाह! टीलों, पहाड़ों, वादियों और दरख़्तों के उगने की जगहों पर बारिश बरसा… 10 اللَّهُمَّ اجْعَلْهَا سَقْيَا رَحْمَةٍ وَلَا تَجْعَلْهَا سَقْيَا عَذَابٍ ऐ अल्लाह! इसे रहमत की बारिश बना और इसे अज़ाब (दंड) की बारिश न बना। 11 اللَّهُمَّ لَا تَقْتُلْنَا بِغَضَبِكَ وَلَا تُهْلِكْنَا بِعَذَابِكَ وَعَافِنَا ق… ऐ अल्लाह! हमें अपने क्रोध से न मार, और हमें अपने अज़ाब (दंड) से हलाक़ (नष्ट) न कर, और इससे पहले ही हमें आफ़ियत (सुरक्षा) प्रदान कर।