बीमार की अयादत
15 दुआएं
1
لَا بَأْسَ طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
कोई बात नहीं, यह गुनाहों से पाकीज़गी का ज़रिया है, इंशा-अल्लाह (अगर अल्लाह ने चाहा)।
2
أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظِيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفِيَكَ
मैं अज़ीम अल्लाह, जो अर्श-ए-अज़ीम का रब है, उससे सवाल करता हूँ कि वह तुम्हें शिफा अता फरमाए।
×7
3
بِسْمِ اللَّهِ أَرْقِيكَ، مِنْ كُلِّ شَيْءٍ يُؤْذِيكَ، مِنْ شَرِّ كُلِّ نَفْسٍ أ…
अल्लाह के नाम के साथ मैं तुम पर दम करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ दे, और हर नफ़्स या हसद करने वाली आँख की बुराई से। अल्लाह तुम्हें…
4
اللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ أَذْهِبِ الْبَأْسَ، اشْفِ أَنْتَ الشَّافِي، لَا شِفَاء…
ऐ अल्लाह, लोगों के रब! तकलीफ दूर कर दे। शिफा अता फरमा, तू ही शिफा देने वाला है। तेरी शिफा के सिवा कोई शिफा नहीं, ऐसी शिफा जो कोई बीमारी न छो…
5
اللَّهُمَّ اشْفِ عَبْدَكَ يَنْكَأُ لَكَ عَدُوًّا أَوْ يَمْشِي لَكَ إِلَى صَلَاةٍ
ऐ अल्लाह, अपने बंदे को शिफा अता फरमा ताकि वह तेरे लिए दुश्मन का मुकाबला करे या नमाज़ के लिए चल कर जाए।
6
أَذْهِبِ الْبَأْسَ رَبَّ النَّاسِ وَاشْفِ أَنْتَ الشَّافِي لَا شِفَاءَ إِلَّا شِ…
तकलीफ को दूर कर दे ऐ लोगों के रब, और शिफा दे—तू ही शिफा देने वाला है। तेरी शिफा के सिवा कोई शिफा नहीं, ऐसी शिफा जो बीमारी को बाक़ी न छोड़े।
7
اللَّهُمَّ اشْفِهِ اللَّهُمَّ اشْفِهِ اللَّهُمَّ اشْفِهِ
ऐ अल्लाह, इसे शिफा अता फरमा। ऐ अल्लाह, इसे शिफा अता फरमा। ऐ अल्लाह, इसे शिफा अता फरमा।
8
بِسْمِ اللَّهِ ثَلَاثًا وَقُلْ سَبْعَ مَرَّاتٍ أَعُوذُ بِعِزَّةِ اللَّهِ وَقُدْر…
अल्लाह के नाम के साथ (तीन बार); मैं अल्लाह की इज़्ज़त और उसकी कुदरत की पनाह चाहता हूँ उस चीज़ की बुराई से जिसे मैं महसूस करता हूँ और जिससे ड…
×7
9
اللَّهُمَّ اشْفِ عَبْدَكَ فُلَانًا يَنْكَأُ لَكَ عَدُوًّا أَوْ يَمْشِي لَكَ إِلَ…
ऐ अल्लाह, अपने बंदे [नाम] को शिफा अता फरमा, ताकि वह तेरे लिए दुश्मन से मुकाबला करे या जुमा की नमाज़ के लिए चल कर जाए।
10
لَا بَأْسَ طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
कोई बात नहीं, यह गुनाहों से पाकीज़गी का ज़रिया है, इंशा-अल्लाह (अगर अल्लाह ने चाहा)।
11
أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظِيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفِيَكَ
मैं अज़ीम अल्लाह, जो अर्श-ए-अज़ीम का रब है, उससे सवाल करता हूँ कि वह तुम्हें शिफा अता फरमाए।
×7
12
بِسْمِ اللَّهِ أَرْقِيكَ مِنْ كُلِّ شَيْءٍ يُؤْذِيكَ مِنْ شَرِّ كُلِّ نَفْسٍ أَو…
अल्लाह के नाम के साथ मैं तुम पर दम करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ दे, और हर नफ़्स या हसद करने वाली आँख की बुराई से। अल्लाह तुम्हें…
13
طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
कोई बात नहीं, यह बीमारी गुनाहों से पाकी (सफ़ाई) का ज़रिया है, इंशा अल्लाह।
14
اللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ مُذْهِبَ الْبَاسِ اشْفِ أَنْتَ الشَّافِي لَا شَافِيَ إ…
ऐ अल्लाह! लोगों के रब, तकलीफ़ को दूर करने वाले, शिफ़ा अता फ़रमा, तू ही शिफ़ा देने वाला है, तेरे सिवा कोई शिफ़ा देने वाला नहीं।
15
اللَّهُمَّ اشْفِ كُلَّ مَرِيضٍ مِنَ الْمُسْلِمِينَ
ऐ अल्लाह! हर बीमार मुसलमान को शिफ़ा अता फ़रमा।