Qurani·قرآني
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संतान

13 दुआएं

1 رَبِّ هَبْ لِي مِنْ لَدُنْكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةً إِنَّكَ سَمِيعُ الدُّعَاءِ ऐ मेरे रब, मुझे अपनी तरफ़ से एक पाकीज़ा (नेक) औलाद अता फ़रमा। बेशक तू दुआ का सुनने वाला है। 2 رَبِّ لَا تَذَرْنِي فَرْدًا وَأَنْتَ خَيْرُ الْوَارِثِينَ ऐ मेरे रब! मुझे अकेला न छोड़, और तू सबसे बेहतर वारिस है। 3 رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِنْ ذُرِّيَّتِي رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَ… ऐ मेरे रब, मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी औलाद में से भी (नमाज़ी बना)। ऐ हमारे रब, और मेरी दुआ क़बूल फ़रमा। 4 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ ऐ हमारे रब! हमें हमारी बीवियों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा। 5 اللَّهُمَّ اجْعَلْ أَوْلَادِي مِنْ عِبَادِكَ الصَّالِحِينَ وَاحْفَظْهُمْ مِنْ كُ… ऐ अल्लाह, मेरी औलाद को अपने नेक बंदों में शामिल कर दे और उन्हें हर बुराई से महफ़ूज़ रख। 6 أُعِيذُكُمَا بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَم… मैं तुम दोनों को अल्लाह के मुकम्मल कलिमों की पनाह में देता हूँ हर शैतान और ज़हरीले जानवर से, और हर नुकसान पहुँचाने वाली बुरी नज़र से। 7 رَبِّ هَبْ لِي مِنَ الصَّالِحِينَ ऐ मेरे रब, मुझे नेक औलाद अता फ़रमा। 8 اللَّهُمَّ أَصْلِحْ لِي ذُرِّيَّتِي ऐ अल्लाह, मेरी औलाद को नेक बना दे। 9 رَبِّ هَبْ لِي مِنْ لَدُنْكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةً إِنَّكَ سَمِيعُ الدُّعَاءِ ऐ मेरे रब, मुझे अपनी तरफ़ से एक पाकीज़ा (नेक) औलाद अता फ़रमा। बेशक तू दुआ का सुनने वाला है। 10 رَبَّنَا وَاجْعَلْنَا مُسْلِمَيْنِ لَكَ وَمِنْ ذُرِّيَّتِنَا أُمَّةً مُسْلِمَةً … ऐ हमारे रब! हम दोनों को अपना फ़रमाँबरदार बना और हमारी नस्ल से एक ऐसी उम्मत पैदा कर जो तेरी फ़रमाँबरदार हो। 11 اللَّهُمَّ بَارِكْ فِي أَوْلَادِي وَأَصْلِحْهُمْ وَاجْعَلْهُمْ هُدَاةً مُهْتَدِي… ऐ अल्लाह! मेरी औलाद में बरकत अता फ़रमा, उनकी इस्लाह (सुधार) कर और उन्हें हिदायत देने वाला और हिदायत पाने वाला बना। 12 اللَّهُمَّ احْفَظْ أَوْلَادَنَا مِنْ كُلِّ سُوءٍ وَمَكْرُوهٍ ऐ अल्लाह, हमारी औलाद को हर बुराई और तकलीफ से महफूज़ रख। 13 اللَّهُمَّ اكْتُبْ لِأَوْلَادِنَا السَّلَامَةَ وَالْعَافِيَةَ ऐ अल्लाह, हमारी औलाद के लिए सलामती और आफ़ियत लिख दे।