Qurani·قرآني
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अल्लाह, मैं तुझसे गुनाह और कर्ज से शरण चाहता हूँ। — कर्ज़

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْمَأْثَمِ وَالْمَغْرَمِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika minal-ma'thami wal-maghram
अनुवाद: अल्लाह, मैं तुझसे गुनाह और कर्ज से शरण चाहता हूँ।
संदर्भ: Bukhari 1:155, Muslim 1:412
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