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परिवार

18 दुआएं

1 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَل… ऐ हमारे रब, हमें हमारी बीवियों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा और हमें परहेज़गारों का इमाम बना। 2 رَبِّ هَبْ لِي مِنَ الصَّالِحِينَ ऐ मेरे रब, मुझे नेक औलाद अता फ़रमा। 3 رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِنْ ذُرِّيَّتِي رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَ… ऐ मेरे रब, मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी औलाद में से भी (नमाज़ी बना)। ऐ हमारे रब, और मेरी दुआ क़बूल फ़रमा। 4 رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ ऐ मेरे रब, मुझे और मेरे माँ-बाप को और सब मोमिनों को उस दिन माफ़ कर देना जिस दिन हिसाब क़ायम होगा। 5 رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا ऐ मेरे रब, उन दोनों पर रहम फ़रमा जैसा कि उन्होंने बचपन में मेरी परवरिश की। 6 رَبِّ هَبْ لِي مِنْ لَدُنْكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةً إِنَّكَ سَمِيعُ الدُّعَاءِ ऐ मेरे रब, मुझे अपनी तरफ़ से एक पाकीज़ा (नेक) औलाद अता फ़रमा। बेशक तू दुआ का सुनने वाला है। 7 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى ال… ऐ हमारे रब, हम पर सब्र उंडेल दे, हमारे क़दम जमाए रख और काफ़िरों की क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा। 8 اللَّهُمَّ أَلِّفْ بَيْنَ قُلُوبِنَا، وَأَصْلِحْ ذَاتَ بَيْنِنَا ऐ अल्लाह, हमारे दिलों में मेल-मिलाप पैदा कर दे और हमारे आपसी ताल्लुक़ात को दुरुस्त कर दे। 9 بَارَكَ اللَّهُ لَكَ وَبَارَكَ عَلَيْكَ وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ अल्लाह तुम्हें बरकत दे, तुम पर अपनी बरकतें नाज़िल फ़रमाए और तुम दोनों को भलाई के साथ इकट्ठा रखे। 10 اللَّهُمَّ أَصْلِحْ لِي أَهْلِي وَذُرِّيَّتِي وَاجْعَلْهُمْ قُرَّةَ عَيْنٍ لِي ऐ अल्लाह, मेरे लिए मेरे घर वालों और मेरी औलाद की इस्लाह फ़रमा और उन्हें मेरी आँखों की ठंडक बना। 11 رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِنْ ذُرِّيَّتِي رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَ… ऐ मेरे रब, मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी औलाद में से भी (नमाज़ी बना)। ऐ हमारे रब, और मेरी दुआ क़बूल फ़रमा। 12 اللَّهُمَّ أَصْلِحْ ذَاتَ بَيْنِنَا وَأَلِّفْ بَيْنَ قُلُوبِنَا وَاهْدِنَا سُبُل… ऐ अल्लाह! हमारे आपसी ताल्लुकात संवार दे, हमारे दिलों को जोड़ दे और हमें सलामती के रास्तों पर चला। 13 اللَّهُمَّ اجْعَلْ أَهْلِي وَذُرِّيَّتِي قُرَّةَ عَيْنٍ لِي ऐ अल्लाह! मेरे परिवार और मेरी संतान को मेरी आँखों की ठंडक बना दे। 14 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَل… ऐ हमारे रब, हमें हमारी बीवियों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा और हमें परहेज़गारों का इमाम बना। 15 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ ऐ हमारे रब! हमें हमारी बीवियों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा। 16 اللَّهُمَّ اجْمَعْ بَيْنَنَا بِالْحَقِّ وَافْتَحْ بَيْنَنَا وَبَيْنَ قَوْمِنَا ب… ए अल्लाह, हमें हक़ पर इकट्ठा कर दे, और हमारे और हमारी कौम के दरमियान हक़ के साथ फैसला फरमा दे, और तू सबसे बेहतरीन फैसला करने वाला है। 17 اللَّهُمَّ بَارِكْ فِي أَهْلِنَا وَأَوْلَادِنَا وَأَرْزَاقِنَا ऐ अल्लाह, हमारे घर वालों, हमारी औलाद और हमारे रिज़्क़ में बरकत अता फरमा। 18 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَل… ऐ हमारे रब, हमें हमारी बीवियों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा और हमें परहेज़गारों का इमाम बना।