शुक्र
15 दुआएं
1
الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
सभी प्रयोजनों में الحمد है, सब्रह का पालनहार।
2
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي بِنِعْمَتِهِ تَتِمُّ الصَّالِحَاتُ
الحمد لله, जिसकी कृपा से अच्छे कर्म पूरे होते हैं। (कुछ अच्छा होने पर)
3
الْحَمْدُ لِلَّهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ
हर स्थिति में الحمد हो, चाहे कुछ अप्रिय हो। (कुछ नापसंद होने पर)
4
اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَ
अल्लाह, मेरी मदद कर मेरी याददाश्त बढ़ाने, तेरा आभार व्यक्त करने और तेरी पूजा करने में।
5
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي بِنِعْمَتِهِ تَتِمُّ الصَّالِحَاتُ
प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसकी कृपा से अच्छे काम पूरे होते हैं।
6
الْحَمْدُ لِلَّهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ
प्रशंसा हर परिस्थिति में अल्लाह के लिए है।
7
اللَّهُمَّ مَا أَصْبَحَ بِي مِنْ نِعْمَةٍ أَوْ بِأَحَدٍ مِنْ خَلْقِكَ فَمِنْكَ و…
हे अल्लाह, जो भी वरदान मैं या तुम्हारी किसी सृष्टि का जागरण होता है, वह सिर्फ तुम्हारी ही ओर से है, उसका कोई साझेदार नहीं। तो सभी प्रशंसा तु…
8
رَبِّ أَوْزِعْنِي أَنْ أَشْكُرَ نِعْمَتَكَ الَّتِي أَنْعَمْتَ عَلَيَّ وَعَلَى وَ…
मेरे मालिक, मुझे आपके अनुकंपा के प्रति कृतज्ञ बनाने और मेरे माता-पिता के लिए आभार प्रकट करने की ताकत दो।
9
اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَ
हे अल्लाह, मुझे याद रखने, तेरा धन्यवाद करने और तुझकी इबादत करने में मदद कर।
10
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَنْعَمَ عَلَيْنَا وَهَدَانَا وَالْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِ…
सभी प्रशंसा उन अल्लाह की है जिसने हमें उपकार किया और हमें मार्गदर्शन दिया, और अल्लाह की प्रशंसा उस प्रभु की है, जो दुनिया का पालनहार है।
11
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي بِنِعْمَتِهِ تَتِمُّ الصَّالِحَاتُ
सभी प्रशंसा अल्लाह ही की है, जिसकी अनुकंपा से अच्छे कर्म पूरे होते हैं। (जब अच्छा हो)
12
الْحَمْدُ لِلَّهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ
सभी परिस्थियों में अल्लाह का शुक्रिया अदा करो। (जब बुरा हो)
13
اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى شُكْرِكَ فَإِنَّ شُكْرَكَ نِعْمَةٌ تَسْتَحِقُّ الشُّكْ…
हे अल्लाह, मेरी मदद कर कि मैं आपका धन्यवाद करूं, क्योंकि आपका धन्यवाद स्वयं एक मुफ़्त है जिसे आभार चाहिए।
14
اللَّهُمَّ اجْعَلْنَا مِنَ الشَّاكِرِينَ الذَّاكِرِينَ الْمُنِيبِينَ
हे अल्लाह, हमें उन लोगों में बना दो जो आभारी हैं, याद करने वाले हैं, और तौबा करने वाले हैं।
15
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي بِنِعْمَتِهِ تَتِمُّ الصَّالِحَاتُ
सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिनकी कृपा से अच्छे कार्य पूरे होते हैं।