Qurani·قرآني
हिन्दी

हिदायत

21 दुआएं

1 اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ हमें सीधे रास्ते की हिदायत दे। 2 رَبَّنَا لَا تُزِغْ قُلُوبَنَا بَعْدَ إِذْ هَدَيْتَنَا وَهَبْ لَنَا مِنْ لَدُنْك… ऐ हमारे रब, हमें हिदायत देने के बाद हमारे दिलों को टेढ़ा न कर दे और हमें अपने पास से रहमत अता फरमा, बेशक तू ही बड़ा अता करने वाला है। 3 اللَّهُمَّ اهْدِنِي وَسَدِّدْنِي ऐ अल्लाह, मुझे हिदायत दे और मुझे सीधे रास्ते पर साबित-कदम रख। 4 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمِكَ، وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَس… ऐ अल्लाह, मैं तेरे इल्म के ज़रिए तुझसे ख़ैर की दुआ माँगता हूँ, और तेरी क़ुदरत के ज़रिए तुझसे ताक़त माँगता हूँ, और मैं तुझसे तेरे अज़ीम फ़ज़्ल का सवा… 5 اللَّهُمَّ اهْدِنِي فِيمَنْ هَدَيْتَ، وَعَافِنِي فِيمَنْ عَافَيْتَ، وَتَوَلَّنِي… ऐ अल्लाह, मुझे उन लोगों में हिदायत दे जिन्हें तूने हिदायत दी है, और मुझे उन लोगों में आफ़ियत दे जिन्हें तूने आफ़ियत दी है, और मेरा कारसाज़ बन ज… 6 رَبَّنَا أَتْمِمْ لَنَا نُورَنَا وَاغْفِرْ لَنَا إِنَّكَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِ… ऐ हमारे रब, हमारे लिए हमारा नूर मुकम्मल कर दे और हमें माफ़ कर दे, बेशक तू हर चीज़ पर क़ादिर है। 7 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْهُدَى وَالسَّدَادَ ऐ अल्लाह, मैं तुझसे हिदायत और सही राह (नेक अमल) का सवाल करता हूँ। 8 رَبِّ أَدْخِلْنِي مُدْخَلَ صِدْقٍ وَأَخْرِجْنِي مُخْرَجَ صِدْقٍ وَاجْعَلْ لِي مِ… ऐ मेरे रब, मुझे सचाई के साथ दाख़िल कर और सचाई के साथ निकाल, और अपनी तरफ़ से मुझे एक ऐसा सहारा अता फ़रमा जिसके साथ तेरी मदद हो। 9 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمِكَ وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ وَأَسْأ… ऐ अल्लाह! मैं तेरे इल्म के ज़रिए तुझसे ख़ैर तलब करता हूँ और तेरी कुदरत के ज़रिए तुझसे ताक़त माँगता हूँ, और मैं तुझसे तेरे अज़ीम फ़ज़ल का सवा… 10 رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِنْ ذُرِّيَّتِي رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَ… ऐ मेरे रब, मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी औलाद में से भी (नमाज़ी बना)। ऐ हमारे रब, और मेरी दुआ क़बूल फ़रमा। 11 رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ لَدُنْكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدً… ऐ हमारे रब! हमें अपने पास से रहमत अता फ़रमा और हमारे इस काम में हमारे लिए सही रहनुमाई का सामान मुहैया कर दे। 12 رَبِّ إِنِّي لِمَا أَنْزَلْتَ إِلَيَّ مِنْ خَيْرٍ فَقِيرٌ ऐ मेरे रब! तू जो भी भलाई मेरी तरफ़ उतारे, मैं उसका मोहताज हूँ। 13 اللَّهُمَّ اهْدِنِي لِأَحْسَنِ الْأَخْلَاقِ لَا يَهْدِي لِأَحْسَنِهَا إِلَّا أَن… ऐ अल्लाह, मुझे बेहतरीन अख़लाक़ (किरदार) की राह दिखा, तेरे सिवा कोई बेहतरीन अख़लाक़ की राह नहीं दिखा सकता। और मुझसे बुरे अख़लाक़ को दूर कर दे… 14 اللَّهُمَّ أَلْهِمْنِي رُشْدِي وَأَعِذْنِي مِنْ شَرِّ نَفْسِي ऐ अल्लाह! मुझे मेरी हिदायत इल्हाम फरमा और मुझे मेरे नफ़्स की बुराई से पनाह दे। 15 اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُورًا وَفِي بَصَرِي نُورًا وَفِي سَمْعِي نُورًا ऐ अल्लाह! मेरे दिल में नूर पैदा कर दे, मेरी आँखों में नूर पैदा कर दे और मेरे कानों में नूर पैदा कर दे। 16 اللَّهُمَّ اهْدِنِي وَسَدِّدْنِي ऐ अल्लाह, मुझे हिदायत दे और मुझे सीधे रास्ते पर साबित-कदम रख। 17 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الرَّاشِدِينَ ऐ अल्लाह! मुझे हिदायत पाए हुए लोगों में शामिल फ़रमा। 18 اللَّهُمَّ أَلْهِمْنِي رُشْدِي وَقِنِي شَرَّ نَفْسِي ऐ अल्लाह! मेरे दिल में हिदायत डाल दे और मुझे मेरे नफ़्स की बुराई से बचा। 19 اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي حُبَّكَ وَحُبَّ مَنْ يَنْفَعُنِي حُبُّهُ عِنْدَكَ ए अल्लाह, मुझे अपनी मोहब्बत अता फरमा और उन लोगों की मोहब्बत भी अता फरमा जिनकी मोहब्बत तेरे नज़दीक मेरे काम आए। 20 اللَّهُمَّ دُلَّنِي عَلَى الْحَقِّ وَوَفِّقْنِي لِلْعَمَلِ بِهِ ऐ अल्लाह! मुझे हक़ की राह दिखा और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमा। 21 اللَّهُمَّ أَلْهِمْنِي رُشْدِي وَأَعِذْنِي مِنْ شَرِّ نَفْسِي ऐ अल्लाह! मुझे मेरी हिदायत इल्हाम फरमा और मुझे मेरे नफ़्स की बुराई से पनाह दे।