Hajj & Umrah
14 दुआएं
1
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ، إِنَّ الْح…
मैं हाज़िर हूँ ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। मैं हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक तमाम तारीफ़, नेमत और बादशाही तेरी ही है। त…
2
رَبَّنَا تَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
ऐ हमारे रब! हमसे (यह अमल) क़बूल फ़रमा, बेशक तू ही सब कुछ सुनने वाला और सब कुछ जानने वाला है।
3
بِسْمِ اللَّهِ وَاللَّهُ أَكْبَرُ
अल्लाह के नाम से, और अल्लाह सबसे बड़ा है।
4
رَبَّنَا تَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ وَتُبْ عَلَيْنَا …
हे हमारे रब! हमसे (यह सेवा) स्वीकार फरमा, बेशक तू ही सब कुछ सुनने वाला और जानने वाला है। और हमारी तौबा कुबूल फरमा, यक़ीनन तू बड़ा तौबा कुबूल…
5
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَاب…
ऐ हमारे रब, हमें दुनिया में भलाई अता फरमा और आख़िरत में भी भलाई अता फरमा, और हमें आग के अज़ाब से बचा।
6
اللَّهُمَّ حَجًّا مَبْرُورًا وَسَعْيًا مَشْكُورًا وَذَنْبًا مَغْفُورًا
ऐ अल्लाह! (हमारा) हज मक़बूल फरमा, हमारी कोशिश को कद्र की निगाह से देख और हमारे गुनाहों को बख्श दे।
7
اللَّهُ أَكْبَرُ اللَّهُ أَكْبَرُ اللَّهُ أَكْبَرُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَا…
अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह सबसे बड़ा है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह सबसे बड़ा है और…
8
اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ حَجًّا مَبْرُورًا وَذَنْبًا مَغْفُورًا وَسَعْيًا مَشْكُورًا…
ऐ अल्लाह, इसे मक़बूल हज, गुनाहों की माफ़ी, सराहनीय कोशिश और कभी न खत्म होने वाली तिजारत बना।
9
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ إِنَّ الْحَم…
मैं हाज़िर हूँ ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। मैं हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक तमाम तारीफ़, नेमत और बादशाही तेरी ही है। त…
10
رَبَّنَا تَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
ऐ हमारे रब! हमसे (यह अमल) क़बूल फ़रमा, बेशक तू ही सब कुछ सुनने वाला और सब कुछ जानने वाला है।
11
اللَّهُمَّ حَجَّةً لَا رِيَاءَ فِيهَا وَلَا سُمْعَةَ
ऐ अल्लाह! ऐसा हज (नसीब फ़रमा) जिसमें न दिखावा हो और न शोहरत की चाहत।
12
سُبْحَانَ اللَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ وَلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَاللَّهُ أَكْ…
अल्लाह पाक है, तमाम तारीफ़ें अल्लाह ही के लिए हैं, अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और अल्लाह सबसे बड़ा है।
13
اللَّهُمَّ اجْعَلْ حَجِّي مَبْرُورًا وَذَنْبِي مَغْفُورًا وَعَمَلِي مَشْكُورًا
ऐ अल्लाह, मेरे हज को मबरूर (मकबूल) बना, मेरे गुनाहों को माफ फरमा और मेरी कोशिशों को कुबूलियत अता कर।
14
اللَّهُمَّ بَلِّغْنَا حَجَّ بَيْتِكَ الْحَرَامِ
ऐ अल्लाह, हमें अपने मोहतरम घर (काबा) के हज़ की सआदत अता फरमा।