Qurani·قرآني
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बीमारी

16 दुआएं

1 اللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ أَذْهِبِ الْبَأْسَ، اشْفِ أَنْتَ الشَّافِي، لَا شِفَاء… ऐ अल्लाह, लोगों के रब, बीमारी को दूर कर दे। तू शिफ़ा दे, तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के अलावा कोई शिफ़ा नहीं, ऐसी शिफ़ा दे जो कोई ब… 2 أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظِيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفِيَكَ मैं अज़मत वाले अल्लाह से, जो अज़ीम अर्श का मालिक है, दुआ करता हूँ कि वह तुझे शिफ़ा दे। 3 بِسْمِ اللَّهِ أَرْقِيكَ، مِنْ كُلِّ شَيْءٍ يُؤْذِيكَ، مِنْ شَرِّ كُلِّ نَفْسٍ أ… अल्लाह के नाम से मैं तुम पर दम (रुक़्या) करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ़ दे, हर जान की बुराई से या हसद करने वाली आँख से, अल्लाह तु… 4 أَعُوذُ بِعِزَّةِ اللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ मैं अल्लाह की इज़्ज़त और उसकी कुदरत की पनाह माँगता हूँ उस चीज़ की बुराई से जिसे मैं महसूस करता हूँ और जिससे डरता हूँ। 5 لَا بَأْسَ طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ कोई बात नहीं (घबराओ मत), इंशा-अल्लाह यह (बीमारी) गुनाहों से पाकीज़गी का ज़रिया है। 6 بِاسْمِ اللَّهِ ثَلَاثًا أَعُوذُ بِعِزَّةِ اللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أ… अल्लाह के नाम से (तीन बार)। मैं अल्लाह की इज़्ज़त और कुदरत की पनाह चाहता हूँ उस बीमारी की बुराई से जिसे मैं महसूस करता हूँ और जिससे डरता हूँ… 7 اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي بَدَنِي اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي سَمْعِي اللَّهُمَّ عَافِ… ऐ अल्लाह, मेरे बदन में मुझे आफ़ियत दे, ऐ अल्लाह, मेरी सुनने की ताकत में मुझे आफ़ियत दे, ऐ अल्लाह, मेरी देखने की ताकत में मुझे आफ़ियत दे। 8 اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي بَدَنِي اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي سَمْعِي اللَّهُمَّ عَافِ… ऐ अल्लाह! मेरे बदन को तंदुरुस्ती दे, ऐ अल्लाह! मेरे कानों को तंदुरुस्ती दे, ऐ अल्लाह! मेरी आँखों को तंदुरुस्ती दे, तेरे सिवा कोई माबूद नहीं। 9 أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظِيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفِيكَ मैं अज़मत वाले अल्लाह से, जो अज़ीम अर्श का मालिक है, दुआ करता हूँ कि वह तुझे शिफ़ा दे। 10 أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظِيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفِيَكَ मैं अज़मत वाले अल्लाह से, जो अज़ीम अर्श का मालिक है, दुआ करता हूँ कि वह तुझे शिफ़ा दे। 11 اللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ أَذْهِبِ الْبَأْسَ اشْفِهِ وَأَنْتَ الشَّافِي لَا شِفَ… ऐ अल्लाह! लोगों के रब, तकलीफ़ दूर कर दे और शिफ़ा अता कर, तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के सिवा कोई शिफ़ा नहीं, ऐसी शिफ़ा जो किसी बीमा… 12 بِسْمِ اللَّهِ تُرْبَةُ أَرْضِنَا بِرِيقَةِ بَعْضِنَا يُشْفَى سَقِيمُنَا بِإِذْن… अल्लाह के नाम से, हमारी ज़मीन की मिट्टी और हम में से किसी के लुआब (थूक) के साथ, हमारे रब के हुक्म से हमारा बीमार शिफ़ा (आरोग्य) पाएगा। 13 اللَّهُمَّ اشْفِنِي شِفَاءً لَا يُغَادِرُ سَقَمًا ए अल्लाह, मुझे ऐसी शिफा अता फरमा जो कोई बीमारी बाकी न छोड़े। 14 بِسْمِ اللَّهِ أَرْقِيكَ مِنْ كُلِّ شَيْءٍ يُؤْذِيكَ مِنْ شَرِّ كُلِّ نَفْسٍ أَو… अल्लाह के नाम से मैं तुम पर दम (रुक़्या) करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ़ दे, हर जान की बुराई से या हसद करने वाली आँख से, अल्लाह तु… 15 اللَّهُمَّ اشْفِنَا وَعَافِنَا وَاعْفُ عَنَّا ऐ अल्लाह! हमें शिफ़ा दे, आफ़ियत अता कर और हमें माफ़ कर दे। 16 اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي بَدَنِي اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي سَمْعِي اللَّهُمَّ عَافِ… ऐ अल्लाह, मेरे बदन में मुझे आफ़ियत दे, ऐ अल्लाह, मेरी सुनने की ताकत में मुझे आफ़ियत दे, ऐ अल्लाह, मेरी देखने की ताकत में मुझे आफ़ियत दे।