निकाह
13 दुआएं
1
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ وَبَارَكَ عَلَيْكَ وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ
अल्लाह तुम्हारे लिए बरकत दे, और तुम्हें भलाई में मिलाए।
2
اللَّهُمَّ بَارِكْ فِي زَوْجِي وَبَارِكْ لَهُ فِيَّ
अल्लाह, मेरे पति/पत्नी को बरकत दो और उन्हें मेरे अंदर बनाओ।
3
رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَل…
हमारे मालिक, हमें हमारे जीवनसाथियों और संतति में ऐसी तसल्ली दो जो हमारी आँखों को ठंडक दे, और हमें नेक लोगों का नेता बनाओ।
4
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا وَخَيْرَ مَا جَبَلْتَهَا عَلَيْهِ وَأَعُو…
अल्लाह, मैं आपसे उसकी भलाई और उसे जो आप उसकी ओर झुका दिए हैं, उसकी अच्छाई माँगता हूँ, और उसकी बुराई से जो उसकी ओर झुका दी गई है, आप बचाएं। (…
5
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا وَخَيْرَ مَا جَبَلْتَهَا عَلَيْهِ وَأَعُو…
अल्लाह, मैं आपसे उस लड़की में भलाई चाहता हूँ और उसमें आपकी तरफ झुकी हुई अच्छाई, और मैं आपसे उसकी बुराई से शरण चाहता हूँ और जिसमें आप ने उसकी…
6
اللَّهُمَّ أَلِّفْ بَيْنَ قُلُوبِنَا وَأَصْلِحْ ذَاتَ بَيْنِنَا
अल्लाह, हमारे दिलों को मिलाएँ और हमारे आपसी संबंध सुधारें।
7
رَبِّ إِنِّي لِمَا أَنْزَلْتَ إِلَيَّ مِنْ خَيْرٍ فَقِيرٌ
मेरे मालिक, निस्संदेह मैं, उस हर अच्छी बात के लिए, जो तुम मुझे भेजो, जरूरतमंद हूँ। (मूसा की दुआ — जब साथी की खोज में होती है)
8
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ وَبَارَكَ عَلَيْكَ وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ
अल्लाह तुम्हें शुभकामनाएँ दे, तुम्हें आशीर्वाद प्रदान करे, और तुम्हें अच्छे काम में मिलजुल कर रखे। (विवाह दुआ)
9
اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي زَوْجًا صَالِحًا يُعِينُنِي عَلَى أَمْرِ دِينِي وَدُنْيَاي…
अल्लाह, मुझे अपने धर्म में अच्छे साथी से नवाज़, जो मेरी धार्मिक, सांसारिक और रोजगार की सहायता करे।
10
اللَّهُمَّ بَارِكْ فِي زَوَاجِنَا وَأَلِّفْ بَيْنَ قُلُوبِنَا
हे अल्लाह, हमारे विवाह पर कृपा कर और हमारे हृदयों को मिलाकर रख।
11
اللَّهُمَّ أَلِّفْ بَيْنَنَا وَأَصْلِحْ ذَاتَ بَيْنِنَا وَاجْعَلْنَا مِنْ عِبَاد…
हे अल्लाह, हमें एक साथ जोड़ और हमारे बीच सही संबंध स्थापित कर और हमें अपने धर्मपरायण बंदों में बना।
12
اللَّهُمَّ ارْزُقْنَا السَّكِينَةَ وَالْمَوَدَّةَ وَالرَّحْمَةَ فِي بُيُوتِنَا
हे अल्लाह, हमें अपने घरों में चैन, प्रेम, और रहम प्रदान करो।
13
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ خَيْرِهَا وَخَيْرِ مَا جَبَلْتَهَا عَلَيْهِ وَ…
हे अल्लाह, मैं आपसे उसकी भलाई और उसी भलाई की माँग करता हूँ जिस पर उसने उसकी सृजन की है, और उसकी बुरी चीज़ से शरण माँगता हूँ और उसकी बुरी चीज…