Qurani·قرآني
हिन्दी

तौबा

14 दुआएं

1 رَبَّنَا ظَلَمْنَا أَنْفُسَنَا وَإِنْ لَمْ تَغْفِرْ لَنَا وَتَرْحَمْنَا لَنَكُون… ऐ हमारे रब, हमने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया है, और अगर तूने हमें माफ़ न किया और हम पर रहम न किया, तो हम यकीनन घाटा उठाने वालों में से हो जाएँ… 2 اللَّهُمَّ أَنْتَ رَبِّي لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ، خَلَقْتَنِي وَأَنَا عَبْدُكَ،… ऐ अल्लाह! तू ही मेरा रब है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। तूने ही मुझे पैदा किया और मैं तेरा बंदा हूँ, और मैं अपनी ताक़त के मुताबिक तेरे… 3 أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ وَأَتُو… मैं अल्लाह से माफ़ी मांगता हूँ, जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला और पूरी कायनात को थामने वाला है, और मैं उसी की तरफ़ रुज… 4 رَبِّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي فَاغْفِرْ لِي ऐ मेरे रब, मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया है, लिहाज़ा मुझे माफ़ फरमा दे। 5 رَبِّ تُبْ عَلَيَّ إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ ऐ मेरे रब! मेरी तौबा क़बूल फ़रमा, बेशक तू ही तौबा क़बूल करने वाला और निहायत रहम करने वाला है। 6 اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي خَطِيئَتِي وَجَهْلِي وَإِسْرَافِي فِي أَمْرِي وَمَا أَنْت… ऐ अल्लाह, मेरी गलतियां, मेरी नादानी, मेरे कामों में मेरी ज़्यादतियां और वे सब गुनाह माफ़ फरमा जिनके बारे में तू मुझसे बेहतर जानता है। 7 رَبِّ اغْفِرْ وَارْحَمْ وَأَنْتَ خَيْرُ الرَّاحِمِينَ ऐ मेरे रब, मुझे माफ़ कर दे और मुझ पर रहम फ़रमा, और तू सबसे बेहतर रहम करने वाला है। 8 رَبَّنَا ظَلَمْنَا أَنْفُسَنَا وَإِنْ لَمْ تَغْفِرْ لَنَا وَتَرْحَمْنَا لَنَكُون… ऐ हमारे रब, हमने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया है, और अगर तूने हमें माफ़ न किया और हम पर रहम न किया, तो हम यकीनन घाटा उठाने वालों में से हो जाएँ… 9 أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الْعَظِيمَ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّ… मैं उस अज़मत वाले अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह हमेशा ज़िंदा और सब को क़ायम रखने वाला है, और मैं उसी के सामने तौब… 10 سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ أَسْت… पाक है तू ऐ अल्लाह, और तमाम तारीफें तेरे ही लिए हैं। मैं गवाही देता हूँ कि तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, मैं तुझसे माफ़ी मांगता हूँ और तेरी तरफ़… 11 اللَّهُمَّ أَنْتَ رَبِّي لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ خَلَقْتَنِي وَأَنَا عَبْدُكَ و… ऐ अल्लाह! तू ही मेरा रब है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। तूने ही मुझे पैदा किया और मैं तेरा बंदा हूँ, और मैं अपनी ताक़त के मुताबिक तेरे… 12 اللَّهُمَّ تَقَبَّلْ تَوْبَتِي وَاغْسِلْ حَوْبَتِي وَأَجِبْ دَعْوَتِي وَثَبِّتْ … ऐ अल्लाह, मेरी तौबा कुबूल फरमा, मेरे गुनाहों को धो डाल, मेरी दुआ को मंज़ूर कर और मेरी दलील को मज़बूत रख। 13 اللَّهُمَّ أَلْهِمْنَا تَوْبَةً نَصُوحًا قَبْلَ الْمَوْتِ ऐ अल्लाह, हमें मौत से पहले सच्ची तौबा नसीब फरमा। 14 رَبِّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي فَاغْفِرْ لِي ऐ मेरे रब, मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया है, लिहाज़ा मुझे माफ़ फरमा दे।