Qurani·قرآني
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कामयाबी

18 दुआएं

1 رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي ۝ وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي ۝ وَاحْلُلْ عُقْدَةً مِنْ لِسَ… ऐ मेरे रब! मेरा सीना मेरे लिए खोल दे, और मेरे काम को मेरे लिए आसान कर दे, और मेरी ज़बान की गिरह खोल दे, ताकि वे मेरी बात समझ सकें। 2 رَبَّنَا آتِنَا مِنْ لَدُنْكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدًا ऐ हमारे रब, हमें अपने पास से रहमत अता फरमा और हमारे मामले में हमारे लिए हिदायत (सही रास्ते) का सामान कर दे। 3 رَبِّ إِنِّي لِمَا أَنْزَلْتَ إِلَيَّ مِنْ خَيْرٍ فَقِيرٌ ऐ मेरे रब! तू जो भी भलाई मेरी तरफ़ उतारे, मैं उसका मोहताज हूँ। 4 اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ … ऐ अल्लाह, कोई भी काम आसान नहीं है सिवाय उसके जिसे तू आसान कर दे, और तू जब चाहता है मुश्किल को भी आसान बना देता है। 5 اللَّهُمَّ يَسِّرْ وَلَا تُعَسِّرْ وَتَمِّمْ بِالْخَيْرِ ऐ अल्लाह! (मेरे लिए) आसानी पैदा कर और तंगी न कर, और (इस काम को) खैर व खूबी के साथ मुकम्मल फरमा। 6 اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا ऐ अल्लाह! कोई काम आसान नहीं मगर वही जिसे तू आसान कर दे। 7 رَبِّ أَنْزِلْنِي مُنْزَلًا مُبَارَكًا وَأَنْتَ خَيْرُ الْمُنْزِلِينَ ऐ मेरे रब! मुझे बरकत वाली जगह उतार, और तू सबसे बेहतर उतारने वाला है। 8 رَبَّنَا آتِنَا مِنْ لَدُنْكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدًا ऐ हमारे रब, हमें अपने पास से रहमत अता फरमा और हमारे मामले में हमारे लिए हिदायत (सही रास्ते) का सामान कर दे। 9 اللَّهُمَّ لَا تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي طَرْفَةَ عَيْنٍ وَأَصْلِحْ لِي شَأْنِي كُ… ऐ अल्लाह! मुझे पल भर के लिए भी मेरे अपने हाल पर न छोड़ और मेरे तमाम कामों को दुरुस्त कर दे। 10 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ التَّوْفِيقَ وَالسَّدَادَ فِي أُمُورِي كُلِّهَا ऐ अल्लाह! मैं तुझसे अपने तमाम मामलात में कामयाबी और दुरुस्तगी का सवाल करता हूँ। 11 رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي ऐ मेरे रब! मेरे लिए मेरा सीना खोल दे और मेरे लिए मेरा काम आसान कर दे। 12 اللَّهُمَّ سَهِّلْ عَلَيْنَا مَا اسْتَصْعَبْنَاهُ وَيَسِّرْ لَنَا مَا اسْتَعْسَر… ऐ अल्लाह, हमारे लिए वह आसान कर दे जिसे हमने कठिन पाया और हमारे लिए वह सुगम कर दे जिसे हमने मुश्किल पाया। 13 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الْمُفْلِحِينَ ऐ अल्लाह! मुझे कामयाब लोगों में शामिल फ़रमा। 14 رَبَّنَا لَا تُزِغْ قُلُوبَنَا بَعْدَ إِذْ هَدَيْتَنَا وَهَبْ لَنَا مِنْ لَدُنْك… ऐ हमारे रब, हमें हिदायत देने के बाद हमारे दिलों को टेढ़ा न कर दे और हमें अपने पास से रहमत अता फरमा, बेशक तू ही बड़ा अता करने वाला है। 15 اللَّهُمَّ وَفِّقْنَا لِمَا تُحِبُّ وَتَرْضَى مِنَ الْقَوْلِ وَالْعَمَلِ ऐ अल्लाह, हमें उन बातों और कामों की तौफीक दे जिन्हें तू पसंद करता है और जिनसे तू राज़ी होता है। 16 اللَّهُمَّ افْتَحْ عَلَيْنَا أَبْوَابَ الْخَيْرِ وَالْبَرَكَةِ ऐ अल्लाह, हमारे लिए खैर और बरकत के दरवाज़े खोल दे। 17 اللَّهُمَّ يَسِّرْ أُمُورَنَا وَفَرِّجْ هُمُومَنَا وَاكْشِفْ غُمُومَنَا ऐ अल्लाह, हमारे कामों में आसानी पैदा फरमा, हमारी परेशानियों को दूर कर और हमारे ग़मों को मिटा दे। 18 رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي ऐ मेरे रब! मेरे लिए मेरा सीना खोल दे और मेरे लिए मेरा काम आसान कर दे।