Qurani·قرآني
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मज़लूम

11 दुआएं

1 اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ أَنْ أَظْلِمَ أَوْ أُظْلَمَ ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इससे कि मैं किसी पर ज़ुल्म करूँ या मुझ पर ज़ुल्म किया जाए। 2 حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है और वह बेहतरीन कारसाज़ है। 3 اللَّهُمَّ مُنْزِلَ الْكِتَابِ، سَرِيعَ الْحِسَابِ، اهْزِمِ الْأَحْزَابَ، اللَّه… ऐ अल्लाह! किताब नाज़िल करने वाले, जल्द हिसाब लेने वाले, इन लश्करों को शिकस्त दे। ऐ अल्लाह! उन्हें शिकस्त दे और उन्हें झिंझोड़ कर रख दे। 4 اللَّهُمَّ إِنِّي مَظْلُومٌ فَانْتَصِرْ ऐ अल्लाह! मैं मजलूम हूँ, सो तू मेरी मदद फरमा (मेरा बदला ले)। 5 رَبَّنَا أَخْرِجْنَا مِنْ هَذِهِ الْقَرْيَةِ الظَّالِمِ أَهْلُهَا وَاجْعَلْ لَنَ… ऐ हमारे रब! हमें इस बस्ती से निकाल जिसके रहने वाले ज़ालिम हैं, और अपनी तरफ़ से हमारे लिए कोई सरपरस्त मुक़र्रर कर दे, और अपनी तरफ़ से हमारे ल… 6 اللَّهُمَّ انْصُرِ الْمَظْلُومِينَ فِي كُلِّ مَكَانٍ ऐ अल्लाह, हर जगह मज़लूमों की मदद फरमा। 7 اللَّهُمَّ مُنْزِلَ الْكِتَابِ سَرِيعَ الْحِسَابِ اللَّهُمَّ اهْزِمْ الْأَحْزَاب… ऐ अल्लाह! किताब उतारने वाले, जल्द हिसाब लेने वाले, इन गिरोहों को शिकस्त दे। ऐ अल्लाह! उन्हें शिकस्त दे और उन्हें झकझोर दे। 8 اللَّهُمَّ إِنَّا نَجْعَلُكَ فِي نُحُورِهِمْ وَنَعُوذُ بِكَ مِنْ شُرُورِهِمْ ऐ अल्लाह! हम तुझे उनके मुक़ाबले में पेश करते हैं और उनके शर (बुराई) से तेरी पनाह माँगते हैं। 9 حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है और वह बेहतरीन कारसाज़ है। 10 وَلَا تَحْسَبَنَّ اللَّهَ غَافِلًا عَمَّا يَعْمَلُ الظَّالِمُونَ और हरगिज़ यह न समझना कि अल्लाह ज़ालिमों के कामों से बे-खबर है। 11 اللَّهُمَّ كُنْ لِلْمَظْلُومِينَ نَصِيرًا وَعَلَى الظَّالِمِينَ ظَهِيرًا ऐ अल्लाह, मज़लूमों का मददगार बन और ज़ालिमों के ख़िलाफ़ हमारी मदद फरमा।