Qurani·قرآني
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सफ़र

8 दुआएं

1 اللَّهُمَّ إِنَّا نَسْأَلُكَ فِي سَفَرِنَا هَذَا الْبِرَّ وَالتَّقْوَى، وَمِنَ ا… ऐ अल्लाह, हम अपने इस सफ़र में तुझसे नेकी और परहेज़गारी का सवाल करते हैं, और ऐसे अमल का जिससे तू राज़ी हो जाए। 2 اللَّهُمَّ هَوِّنْ عَلَيْنَا سَفَرَنَا هَذَا وَاطْوِ عَنَّا بُعْدَهُ ऐ अल्लाह, हमारे लिए हमारा यह सफ़र आसान कर दे और इसकी दूरी को समेट दे। 3 اللَّهُمَّ أَنْتَ الصَّاحِبُ فِي السَّفَرِ، وَالْخَلِيفَةُ فِي الْأَهْلِ ऐ अल्लाह, तू ही सफ़र में साथी है और पीछे घर-बार का निगरान है। 4 اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ وَعْثَاءِ السَّفَرِ، وَكَآبَةِ الْمَنْظَرِ، … ऐ अल्लाह, मैं सफ़र की मशक्क़तों से, बुरा नज़ारा देखने से, और अपने माल और घर-बार में बुरी वापसी से तेरी पनाह माँगता हूँ। 5 اللَّهُمَّ اطْوِ لَنَا الْأَرْضَ وَهَوِّنْ عَلَيْنَا السَّفَرَ ऐ अल्लाह, हमारे लिए ज़मीन को समेट दे और सफ़र को हमारे लिए आसान कर दे। 6 اللَّهُمَّ أَنْتَ الصَّاحِبُ فِي السَّفَرِ وَالْخَلِيفَةُ فِي الْأَهْلِ اللَّهُم… ऐ अल्लाह! तू ही सफ़र में साथी है और घर-बार का निगहबान है। ऐ अल्लाह! मैं सफ़र की तंगदस्ती, उदास मंज़र और माल, घर-बार और औलाद में बुरी हालत मे… 7 آيِبُونَ تَائِبُونَ عَابِدُونَ لِرَبِّنَا حَامِدُونَ हम लौटने वाले हैं, तौबा करने वाले हैं, इबादत करने वाले हैं और अपने रब की हम्द करने वाले हैं। 8 اللَّهُمَّ رُدَّنَا سَالِمِينَ غَانِمِينَ ऐ अल्लाह! हमें सही-सलामत और खैर-ओ-बरकत के साथ वापस लौटा।