सफ़र
8 दुआएं
1
اللَّهُمَّ إِنَّا نَسْأَلُكَ فِي سَفَرِنَا هَذَا الْبِرَّ وَالتَّقْوَى، وَمِنَ ا…
ऐ अल्लाह, हम अपने इस सफ़र में तुझसे नेकी और परहेज़गारी का सवाल करते हैं, और ऐसे अमल का जिससे तू राज़ी हो जाए।
2
اللَّهُمَّ هَوِّنْ عَلَيْنَا سَفَرَنَا هَذَا وَاطْوِ عَنَّا بُعْدَهُ
ऐ अल्लाह, हमारे लिए हमारा यह सफ़र आसान कर दे और इसकी दूरी को समेट दे।
3
اللَّهُمَّ أَنْتَ الصَّاحِبُ فِي السَّفَرِ، وَالْخَلِيفَةُ فِي الْأَهْلِ
ऐ अल्लाह, तू ही सफ़र में साथी है और पीछे घर-बार का निगरान है।
4
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ وَعْثَاءِ السَّفَرِ، وَكَآبَةِ الْمَنْظَرِ، …
ऐ अल्लाह, मैं सफ़र की मशक्क़तों से, बुरा नज़ारा देखने से, और अपने माल और घर-बार में बुरी वापसी से तेरी पनाह माँगता हूँ।
5
اللَّهُمَّ اطْوِ لَنَا الْأَرْضَ وَهَوِّنْ عَلَيْنَا السَّفَرَ
ऐ अल्लाह, हमारे लिए ज़मीन को समेट दे और सफ़र को हमारे लिए आसान कर दे।
6
اللَّهُمَّ أَنْتَ الصَّاحِبُ فِي السَّفَرِ وَالْخَلِيفَةُ فِي الْأَهْلِ اللَّهُم…
ऐ अल्लाह! तू ही सफ़र में साथी है और घर-बार का निगहबान है। ऐ अल्लाह! मैं सफ़र की तंगदस्ती, उदास मंज़र और माल, घर-बार और औलाद में बुरी हालत मे…
7
آيِبُونَ تَائِبُونَ عَابِدُونَ لِرَبِّنَا حَامِدُونَ
हम लौटने वाले हैं, तौबा करने वाले हैं, इबादत करने वाले हैं और अपने रब की हम्द करने वाले हैं।
8
اللَّهُمَّ رُدَّنَا سَالِمِينَ غَانِمِينَ
ऐ अल्लाह! हमें सही-सलामत और खैर-ओ-बरकत के साथ वापस लौटा।