Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मैं आपसे चिंता और दुख से refuge चाहता हूँ, कमजोरी और सुस्ती से, अभाव — कर्ज़

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ، وَالْعَجْزِ وَالْكَسَلِ، وَالْبُخْلِ وَالْجُبْنِ، وَضَلَعِ الدَّيْنِ وَغَلَبَةِ الرِّجَالِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika minal-hammi wal-hazan, wal-'ajzi wal-kasal, wal-bukhli wal-jubn, wa dala'id-dayni wa ghalabatir-rijaal
अनुवाद: हे अल्लाह, मैं आपसे चिंता और दुख से refuge चाहता हूँ, कमजोरी और सुस्ती से, अभाव और डर से, कर्ज के बोझ से और मनुष्यों से परास्त होने से।
संदर्भ: Bukhari 7:158
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