हे अल्लाह, स्वामित्व के स्वामी, आप जिसे चाहें शासक बनाते हैं और जिसे चाहें हटा द — कर्ज़
اللَّهُمَّ مَالِكَ الْمُلْكِ تُؤْتِي الْمُلْكَ مَنْ تَشَاءُ وَتَنْزِعُ الْمُلْكَ مِمَّنْ تَشَاءُ وَتُعِزُّ مَنْ تَشَاءُ وَتُذِلُّ مَنْ تَشَاءُ بِيَدِكَ الْخَيْرُ إِنَّكَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
लिप्यंतरण: Allaahumma maalikal-mulki tu'til-mulka man tashaa'u wa tanzi'ul-mulka mimman tashaa'u wa tu'izzu man tashaa'u wa tudhillu man tashaa'u biyadikal-khayr innaka 'alaa kulli shay'in qadeer
अनुवाद: हे अल्लाह, स्वामित्व के स्वामी, आप जिसे चाहें शासक बनाते हैं और जिसे चाहें हटा देते हैं। आप जिनको चाहें सम्मान देते हैं और जिनको चाहें कमज़ोर बनाते हैं। आपके हाथ में ही सब अच्छा है। सच में, आप हर बात पर समर्थ हैं।
संदर्भ: Quran 3:26