मुसीबत & चिंता
33 दुआएं
1
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ الْعَظِيمُ الْحَلِيمُ، لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ رَبُّ…
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, जो बहुत बड़ा और बुर्दबार (धैर्यवान) है; अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, जो अज़मत वाले अर्श का रब है; अल्लाह के…
2
اللَّهُمَّ رَحْمَتَكَ أَرْجُو فَلَا تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي طَرْفَةَ عَيْنٍ، وَأ…
ऐ अल्लाह, मैं तेरी ही रहमत की उम्मीद रखता हूँ, पस मुझे पलक झपकने जितनी देर के लिए भी मेरे नफ़्स के हवाले न कर, और मेरे तमाम हालात संवार दे, …
3
لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
तेरे सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, तू पाक है, बेशक मैं ही क़सूरवारों (ज़ालिमों) में से था।
4
اللَّهُ اللَّهُ رَبِّي لَا أُشْرِكُ بِهِ شَيْئًا
अल्लाह, अल्लाह ही मेरा रब है, मैं उसके साथ किसी को शरीक (साझीदार) नहीं ठहराता।
5
يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ بِرَحْمَتِكَ أَسْتَغِيثُ
ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले, ऐ सबको थामने वाले! मैं तेरी रहमत के ज़रिए तुझसे फ़रियाद करता हूँ।
6
حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ
अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है और वह बेहतरीन कार्यसाधक (काम बनाने वाला) है।
7
إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ، اللَّهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي…
बेशक हम अल्लाह ही के लिए हैं और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है। ऐ अल्लाह! मुझे मेरी इस मुसीबत पर अज्र (पुण्य) अता फ़रमा और मुझे इसका बेहतर बदल…
8
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ، وَالْعَجْزِ وَالْكَسَل…
ऐ अल्लाह! मैं फ़िक्र और ग़म से, बेबसी और सुस्ती से, कंजूसी और बुज़दिली से, कर्ज़ के बोझ से और लोगों के दबदबे (ग़लबे) से तेरी पनाह मांगता हूँ।
9
لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
गुनाहों से बचने की हिम्मत और नेकी करने की ताक़त अल्लाह ही की मदद से है।
10
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا، وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ…
ऐ अल्लाह! कोई काम आसान नहीं है सिवाय उसके जिसे तू आसान कर दे, और जब तू चाहता है तो मुश्किल को आसान कर देता है।
11
قَدَّرَ اللَّهُ وَمَا شَاءَ فَعَلَ
यह अल्लाह की तक़दीर है और उसने जो चाहा वही किया।
12
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ …
ऐ अल्लाह! कोई काम आसान नहीं है सिवाय उसके जिसे तू आसान कर दे, और जब तू चाहता है तो मुश्किल को आसान कर देता है।
13
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ جَهْدِ الْبَلَاءِ وَدَرَكِ الشَّقَاءِ وَسُوء…
ऐ अल्लाह! मैं सख़्त आज़माइश, बदबख़्ती के आने, बुरे फ़ैसले और दुश्मनों के हँसने (उनका मज़ाक उड़ाने) से तेरी पनाह मांगता हूँ।
14
مَا أَصَابَنِي مِنْ مُصِيبَةٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي أَنْفُسِكُمْ إِلَّا فِي كِ…
ज़मीन में या तुम्हारी जानों पर जो भी मुसीबत आती है, वह हमारे पैदा करने से पहले ही एक किताब में दर्ज है।
15
وَعَسَى أَنْ تَكْرَهُوا شَيْئًا وَهُوَ خَيْرٌ لَكُمْ
हो सकता है कि तुम किसी चीज़ को नापसंद करो और वह तुम्हारे लिए बेहतर हो।
16
يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ بِرَحْمَتِكَ أَسْتَغِيثُ أَصْلِحْ لِي شَأْنِي كُلَّهُ وَل…
ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले! ऐ सबको संभालने वाले! मैं तेरी रहमत के ज़रिये तुझसे मदद माँगता हूँ। मेरे तमाम कामों को दुरुस्त कर दे और मुझे पलक झप…
17
اللَّهُمَّ إِنِّي عَبْدُكَ ابْنُ عَبْدِكَ ابْنُ أَمَتِكَ نَاصِيَتِي بِيَدِكَ مَا…
ऐ अल्लाह! मैं तेरा बंदा हूँ, तेरे बंदे का बेटा और तेरी बंदी का बेटा हूँ। मेरी पेशानी (किस्मत) तेरे हाथ में है, तेरा हुक्म मुझ पर नाफ़िज़ (लागू…
18
اللَّهُمَّ فَارِجَ الْهَمِّ كَاشِفَ الْغَمِّ مُجِيبَ دَعْوَةِ الْمُضْطَرِّينَ رَ…
ऐ अल्लाह, परेशानियों को दूर करने वाले, दुखों को मिटाने वाले, बेबसों की पुकार सुनने वाले, दुनिया और आख़िरत में निहायत रहम करने वाले और मेहरबा…
19
اللَّهُمَّ فَارِجَ الْهَمِّ كَاشِفَ الْغَمِّ مُجِيبَ دَعْوَةِ الْمُضْطَرِّينَ رَ…
ऐ अल्लाह, परेशानियों को दूर करने वाले, दुखों को मिटाने वाले, बेबसों की पुकार सुनने वाले, दुनिया और आख़िरत में निहायत रहम करने वाले और मेहरबा…
20
أَنَّا مَسَّنِيَ الضُّرُّ وَأَنْتَ أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ
बेशक मुझे तकलीफ़ पहुँची है और तू सब रहम करने वालों से बढ़ कर रहम करने वाला है।
21
فَفِرُّوا إِلَى اللَّهِ إِنِّي لَكُمْ مِنْهُ نَذِيرٌ مُبِينٌ
तो अल्लाह की तरफ़ दौड़ो, बेशक मैं उसकी तरफ़ से तुम्हें साफ़-साफ़ डराने वाला हूँ।
22
لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
तेरे सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, तू पाक है, बेशक मैं ही क़सूरवारों (ज़ालिमों) में से था।
23
حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ
अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है और वह बेहतरीन कार्यसाधक (काम बनाने वाला) है।
24
إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ اللَّهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي …
बेशक हम अल्लाह ही के लिए हैं और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है। ऐ अल्लाह! मुझे मेरी इस मुसीबत पर अज्र (पुण्य) अता फ़रमा और मुझे इसका बेहतर बदल…
25
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ إِنْ شِئْتَ تَجْعَل…
ऐ अल्लाह, कोई चीज़ आसान नहीं मगर जिसे तू आसान कर दे, और जब तू चाहता है तो रंज-ओ-ग़म को आसान कर देता है।
26
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ الْعَظِيمُ الْحَلِيمُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ رَبُّ …
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, जो बहुत बड़ा और बुर्दबार (धैर्यवान) है; अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, जो अज़मत वाले अर्श का रब है; अल्लाह के…
27
اللَّهُ اللَّهُ رَبِّي لَا أُشْرِكُ بِهِ شَيْئًا
अल्लाह, अल्लाह ही मेरा रब है, मैं उसके साथ किसी को शरीक (साझीदार) नहीं ठहराता।
28
يَا اللَّهُ يَا اللَّهُ يَا اللَّهُ
ऐ अल्लाह, ऐ अल्लाह, ऐ अल्लाह।
×3
29
اللَّهُمَّ اجْعَلْ لِي مِنْ كُلِّ ضِيقٍ مَخْرَجًا وَمِنْ كُلِّ هَمٍّ فَرَجًا وَا…
ऐ अल्लाह, मेरे लिए हर तंगी से निकलने का रास्ता और हर परेशानी से छुटकारा बना दे, और मुझे ऐसी जगह से रिज़्क़ दे जहाँ से मुझे गुमान भी न हो।
30
إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
बेशक हम अल्लाह ही के लिए हैं और बेशक हम उसी की तरफ़ लौटने वाले हैं।
31
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَاللَّهُ أَكْبَرُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ …
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और अल्लाह सबसे बड़ा है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है…
32
سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ سُبْحَانَ اللَّهِ الْعَظِيمِ أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ
अल्लाह अपनी तारीफ़ों के साथ पाक है, अज़मत वाला अल्लाह पाक है, मैं अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ।
×10
33
يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ بِرَحْمَتِكَ أَسْتَغِيثُ
ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले, ऐ सबको थामने वाले! मैं तेरी रहमत के ज़रिए तुझसे फ़रियाद करता हूँ।
×3