ऐ अल्लाह, कुछ भी आसान नहीं है सिवाय उसके जिसे तू आसान कर दे, और यदि तू चाहे, तो — मुसीबत & चिंता
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ إِنْ شِئْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ سَهْلًا
लिप्यंतरण: Allaahumma laa sahla illaa maa ja'altahu sahlan wa anta in shi'ta taj'alul-hazna sahlan
अनुवाद: ऐ अल्लाह, कुछ भी आसान नहीं है सिवाय उसके जिसे तू आसान कर दे, और यदि तू चाहे, तो तू दुख आसान कर सकता है।
संदर्भ: Ibn Hibban 2427