Qurani·قرآني
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मस्जिद के अज़कार

17 दुआएं

1 اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। (मस्जिद में दाखिल होते समय) 2 أَعُوذُ بِاللَّهِ الْعَظِيمِ وَبِوَجْهِهِ الْكَرِيمِ وَسُلْطَانِهِ الْقَدِيمِ مِ… मैं अज़मत वाले अल्लाह की, उसकी सम्मानित ज़ात (चेहरे) और उसकी हमेशा रहने वाली सल्तनत की पनाह माँगता हूँ मरदूद शैतान से। (मस्जिद में दाखिल होत… 3 بِسْمِ اللَّهِ وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ अल्लाह के नाम के साथ, और अल्लाह के रसूल पर दुरूद व सलाम हो। (मस्जिद में दाखिल होते समय) 4 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरे फ़ज़्ल (अनुग्रह) का सवाल करता हूँ। 5 بِسْمِ اللَّهِ وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ، اللَّهُمَّ إِنِّ… अल्लाह के नाम के साथ, अल्लाह के रसूल पर दुरूद व सलाम हो। ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरे फ़ज़ल का सवाल करता हूँ। ऐ अल्लाह! मुझे मरदूद शैतान से महफू… 6 اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُورًا، وَفِي لِسَانِي نُورًا، وَفِي سَمْعِي نُور… ऐ अल्लाह! मेरे दिल में नूर पैदा कर दे, मेरी ज़बान में नूर, मेरे कान में नूर और मेरी आँखों में नूर पैदा कर दे। 7 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ ऐ अल्लाह! मुझे तौबा करने वालों में और पाक-साफ रहने वालों में शामिल कर दे। 8 اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। (मस्जिद में दाखिल होते समय) 9 اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُورًا وَفِي لِسَانِي نُورًا وَفِي سَمْعِي نُورًا… ऐ अल्लाह! मेरे दिल में नूर पैदा कर दे, मेरी ज़बान में नूर, मेरे कान में नूर, मेरी आँखों में नूर, मेरे ऊपर नूर, मेरे नीचे नूर, मेरे दाएँ नूर,… 10 أَعُوذُ بِاللَّهِ الْعَظِيمِ وَبِوَجْهِهِ الْكَرِيمِ وَسُلْطَانِهِ الْقَدِيمِ مِ… मैं अज़मत वाले अल्लाह की, उसकी सम्मानित ज़ात की और उसकी क़दीमी (शाश्वत) सल्तनत की पनाह माँगता हूँ मरदूद शैतान से। अल्लाह के नाम से, और अल्ला… 11 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरे फ़ज़्ल (अनुग्रह) का सवाल करता हूँ। 12 السَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ अल्लाह के रसूल पर सलाम हो। ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। 13 بِسْمِ اللَّهِ وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ اللَّهُمَّ اغْفِر… अल्लाह के नाम से, और अल्लाह के रसूल पर दरूद व सलाम हो। ऐ अल्लाह! मेरे गुनाहों को माफ़ कर दे और मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। 14 بِسْمِ اللَّهِ وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ اللَّهُمَّ إِنِّي… अल्लाह के नाम के साथ, अल्लाह के रसूल पर दुरूद व सलाम हो। ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरे फ़ज़ल का सवाल करता हूँ। ऐ अल्लाह! मुझे मरदूद शैतान से महफू… 15 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِمَّنْ يُعَمِّرُ الْمَسَاجِدَ ऐ अल्लाह! मुझे उन लोगों में शामिल कर जो मस्जिदों को आबाद करते हैं। 16 رَبِّ اغْفِرْ لِي وَافْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ ऐ मेरे रब! मुझे बख़्श दे और मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। 17 اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे। (मस्जिद में दाखिल होते समय)