अल्लाह के नाम पर, पैगंबर पर सलाम और खैरात हो। अल्लाह, मेरे गुनाह माफ कर और अपनी — मस्जिद के अज़कार
بِسْمِ اللَّهِ وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذُنُوبِي وَافْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ
लिप्यंतरण: Bismillaah was-salaatu was-salaamu 'alaa rasoolillaah, Allaahummagh-fir lee dhunoobi waf-tah lee abwaaba rahmatik
अनुवाद: अल्लाह के नाम पर, पैगंबर पर सलाम और खैरात हो। अल्लाह, मेरे गुनाह माफ कर और अपनी करम की जायदाद के द्वार खोल दे। (मस्जिद में प्रवेश पर)
संदर्भ: Muslim 1:494, Ibn Majah