Qurani·قرآني
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वालिदैन

15 दुआएं

1 رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا ऐ मेरे रब, उन दोनों पर रहम फ़रमा जैसा कि उन्होंने बचपन में मेरी परवरिश की। 2 رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَنْ دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا وَلِلْمُؤْمِ… ऐ मेरे रब! मुझे, मेरे माता-पिता को, और जो कोई ईमान की हालत में मेरे घर में दाखिल हो उसे, और तमाम मोमिन मर्दों और मोमिन औरतों को बख्श दे। 3 رَبِّ أَوْزِعْنِي أَنْ أَشْكُرَ نِعْمَتَكَ الَّتِي أَنْعَمْتَ عَلَيَّ وَعَلَى وَ… ऐ मेरे रब! मुझे तौफीक दे कि मैं तेरी उस नेमत का शुक्र अदा करूँ जो तूने मुझ पर और मेरे माता-पिता पर की है, और ऐसे नेक काम करूँ जिनसे तू राजी … 4 رَبَّنَا اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ ऐ हमारे रब! मुझे, मेरे माता-पिता को और तमाम मोमिनों को उस दिन बख्श देना जिस दिन हिसाब कायम होगा। 5 اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِأَبِي وَأُمِّي وَارْحَمْهُمَا وَعَافِهِمَا وَاعْفُ عَنْهُمَ… ऐ अल्लाह! मेरे वालिद और मेरी वालिदा को बख्श दे, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफियत अता कर और उन्हें माफ फरमा। 6 اللَّهُمَّ ارْحَمْ وَالِدَيَّ كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا وَاغْفِرْ لَهُمَا وَعَا… ऐ अल्लाह, मेरे माता-पिता पर रहम फ़रमा जिस तरह उन्होंने बचपन में मेरी परवरिश की, उन्हें माफ़ कर दे और उन्हें आफियत अता फ़रमा। 7 رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا ऐ मेरे रब, उन दोनों पर रहम फ़रमा जैसा कि उन्होंने बचपन में मेरी परवरिश की। 8 رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَنْ دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا ऐ मेरे रब, मुझे, मेरे माता-पिता को और जो भी ईमान की हालत में मेरे घर में दाखिल हो, उन सबको माफ़ फरमा दे। 9 اللَّهُمَّ اجْزِ وَالِدَيَّ عَنِّي خَيْرَ الْجَزَاءِ ऐ अल्लाह, मेरी ओर से मेरे माता-पिता को बेहतरीन बदला अता फरमा। 10 رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا ऐ मेरे रब, उन दोनों पर रहम फ़रमा जैसा कि उन्होंने बचपन में मेरी परवरिश की। 11 رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ ऐ मेरे रब, मुझे और मेरे माँ-बाप को और सब मोमिनों को उस दिन माफ़ कर देना जिस दिन हिसाब क़ायम होगा। 12 اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِوَالِدَيَّ وَارْحَمْهُمَا وَعَافِهِمَا وَاعْفُ عَنْهُمَا ऐ अल्लाह! मेरे माँ-बाप को माफ़ कर दे, उन पर रहम फ़रमा, उन्हें आफ़ियत (सलामती) अता कर और उन्हें दरगुज़र कर दे। 13 اللَّهُمَّ ارْحَمْ وَالِدَيَّ وَأَحْسِنْ إِلَيْهِمَا كَمَا أَحْسَنَا إِلَيَّ صَغ… ऐ अल्लाह! मेरे वालिदैन (माता-पिता) पर रहम फ़रमा और उनके साथ वैसा ही भलाई का मामला कर जैसा उन्होंने मेरे बचपन में मेरे साथ किया। 14 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي بَارًّا بِوَالِدَيَّ وَلَا تَجْعَلْنِي عَاقًّا ए अल्लाह, मुझे अपने माँ-बाप का फरमाबरदार बना और मुझे नाफरमान न बना। 15 اللَّهُمَّ أَطِلْ عُمْرَ وَالِدَيَّ فِي طَاعَتِكَ وَاجْعَلْ آخِرَ كَلَامِهِمَا ل… ऐ अल्लाह, मेरे माँ-बाप की उम्र अपनी फ़रमाबरदारी में लंबी कर दे और उनका आख़िरी कलाम 'ला इलाहा इल्लल्लाह' बना दे।