रोज़ी (Rizq)
19 दुआएं
1
اللَّهُمَّ اكْفِنِي بِحَلَالِكَ عَنْ حَرَامِكَ، وَأَغْنِنِي بِفَضْلِكَ عَمَّنْ س…
ऐ अल्लाह, मुझे अपने हलाल रिज़्क़ के साथ अपने हराम से बचाते हुए काफ़ी हो जा, और मुझे अपने फ़ज़्ल से अपने सिवा हर किसी से बेनयाज़ कर दे।
2
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا وَاسِعًا وَشِفَاءً مِنْ …
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे नफ़ा देने वाले इल्म, कुशादा रिज़्क़ और हर बीमारी से शिफ़ा का सवाल करता हूँ।
3
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْفَقْرِ وَالْقِلَّةِ وَالذِّلَّةِ، وَأَعُو…
ऐ अल्लाह, मैं मोहताजी, कमी और जिल्लत से तेरी पनाह माँगता हूँ, और मैं इससे भी तेरी पनाह माँगता हूँ कि मैं किसी पर ज़ुल्म करूँ या मुझ पर ज़ुल्…
4
اللَّهُمَّ رَبَّنَا أَنْزِلْ عَلَيْنَا مَائِدَةً مِنَ السَّمَاءِ تَكُونُ لَنَا ع…
ऐ अल्लाह, ऐ हमारे रब! हम पर आसमान से खाने का एक दस्तरख़्वान नाज़िल फ़रमा, जो हमारे लिए, हमारे पहले और पिछले लोगों के लिए ईद बन जाए और तेरी त…
5
رَبِّ إِنِّي لِمَا أَنْزَلْتَ إِلَيَّ مِنْ خَيْرٍ فَقِيرٌ
ऐ मेरे रब! तू जो भी भलाई मेरी तरफ़ उतारे, मैं उसका मोहताज हूँ।
6
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي رِزْقِنَا
ऐ अल्लाह, हमारे रिज़्क़ में बरकत अता फ़रमा।
7
اللَّهُمَّ افْتَحْ لَنَا أَبْوَابَ رِزْقِكَ وَأَنْزِلْ عَلَيْنَا بَرَكَاتِكَ
ऐ अल्लाह, हमारे लिए अपने रिज़्क़ के दरवाज़े खोल दे और हम पर अपनी बरकतें नाज़िल फ़रमा।
8
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيمَا رَزَقْتَنَا وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
ऐ अल्लाह, जो रिज़्क़ तूने हमें दिया है उसमें बरकत अता फ़रमा और हमें आग (जहन्नम) के अज़ाब से बचा।
9
اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي رِزْقًا حَلَالًا طَيِّبًا بِغَيْرِ كَدٍّ وَاسْتَجِبْ دُعَا…
ऐ अल्लाह, मुझे बिना किसी मशक्कत के हलाल और पाकीज़ा रिज़्क़ अता फ़रमा, और मेरी दुआ को बिना रद्द किए कुबूल फ़रमा।
10
اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي رِزْقًا وَاسِعًا حَلَالًا طَيِّبًا مِنْ غَيْرِ كَدٍّ وَاسْ…
ऐ अल्लाह! मुझे कुशादा, हलाल और पाकीज़ा रिज़्क़ बिना किसी सख्त मेहनत के अता कर, और मेरी दुआ को बिना रद्द किए कुबूल फरमा।
11
اللَّهُمَّ قَنِّعْنِي بِمَا رَزَقْتَنِي وَبَارِكْ لِي فِيهِ وَاخْلُفْ عَلَى كُلِ…
ऐ अल्लाह, जो रिज़्क़ तूने मुझे दिया है उस पर मुझे संतुष्ट कर दे और उसमें मेरे लिए बरकत अता फरमा, और मेरी हर खोई हुई चीज़ के बदले मुझे भलाई अ…
12
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ رِزْقًا وَاسِعًا طَيِّبًا مِنْ رِزْقِكَ
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी अता की हुई कुशादा और पाकीज़ा रोज़ी का सवाल करता हूँ।
13
اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي حَلَالًا طَيِّبًا يُغْنِينِي عَمَّنْ سِوَاكَ
ऐ अल्लाह! मुझे हलाल और पाकीज़ा रिज़्क़ (रोज़ी) अता कर, जो मुझे तेरे सिवा हर किसी से बेनयाज़ (स्वतंत्र) कर दे।
14
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْيُسْرَ بَعْدَ الْعُسْرِ وَالْفَرَجَ بَعْدَ الشِّ…
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तंगी के बाद आसानी, मुश्किल के बाद राहत और ऐसी जगह से रिज़्क़ माँगता हूँ जहाँ से मुझे गुमान (अपेक्षा) भी न हो।
15
اللَّهُمَّ ابْسُطْ لَنَا مِنْ بَرَكَاتِكَ وَرَحْمَتِكَ وَفَضْلِكَ وَرِزْقِكَ
ए अल्लाह, हमारे लिए अपनी बरकतें, रहमत, फज़्ल और रिज़्क़ (रोज़ी) फैला दे।
16
اللَّهُمَّ ارْزُقْنَا حَلَالًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ كَمَا تُحِبُّ وَتَرْضَى
ए अल्लाह, हमें ऐसा पाक और बरकत वाला हलाल रिज़्क़ अता फरमा जिसे तू पसंद करे और जिससे तू राजी हो।
17
اللَّهُمَّ اجْعَلْنَا مِنَ الْأَغْنِيَاءِ الشَّاكِرِينَ وَلَا تَجْعَلْنَا مِنَ ا…
ऐ अल्लाह! हमें शुक्र करने वाले मालदारों में शामिल कर और हमें नाशुक्रे फ़कीरों में न बना।
18
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِيشَةً هَنِيَّةً وَمِيتَةً سَوِيَّةً وَمَرَدًّا غَ…
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे खुशहाल ज़िंदगी, एक सम्मानजनक मौत और ऐसी वापसी का सवाल करता हूँ जो न अपमानजनक हो और न ही रुसवा करने वाली।
19
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُتَق…
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे नफ़ा पहुँचाने वाले इल्म, पाकीज़ा रिज़्क़ और क़बूल होने वाले अमल का सवाल करता हूँ।