Qurani·قرآني
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ओ अल्लाह, मुझे संतुष्ट कर दो जो तुमने मुझे प्रदान किया है, उसमें मुझे बरकत दे, औ — रोज़ी (Rizq)

اللَّهُمَّ قَنِّعْنِي بِمَا رَزَقْتَنِي وَبَارِكْ لِي فِيهِ وَاخْلُفْ عَلَى كُلِّ غَائِبَةٍ لِي بِخَيْرٍ
लिप्यंतरण: Allaahumma qanni'nee bimaa razaqtanee wa baarik lee feehi wakhluf 'alaa kulli ghaa'ibatin lee bikhayr
अनुवाद: ओ अल्लाह, मुझे संतुष्ट कर दो जो तुमने मुझे प्रदान किया है, उसमें मुझे बरकत दे, और मेरे हर अभाव को भलाई से बदल दे।
संदर्भ: Al-Hakim
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