Qurani·قرآني
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अल्लाह, मैं तेरे पास कमजोरी, आलस्य, कायरता, कुढ़मारी, बूढ़ापे और कब्र के दंड से — हिम्मत

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ وَالْجُبْنِ وَالْبُخْلِ وَالْهَرَمِ وَعَذَابِ الْقَبْرِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika minal-'ajzi wal-kasali wal-jubni wal-bukhli wal-harami wa 'adhaabil-qabr
अनुवाद: अल्लाह, मैं तेरे पास कमजोरी, आलस्य, कायरता, कुढ़मारी, बूढ़ापे और कब्र के दंड से शरण मांगता हूं।
संदर्भ: Bukhari 8:388
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