Qurani·قرآني
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आख़िरत

21 दुआएं

1 رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَاب… ऐ हमारे रब, हमें दुनिया में भलाई अता फरमा और आख़िरत में भी भलाई अता फरमा, और हमें आग के अज़ाब से बचा। 2 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْجَنَّةَ وَأَعُوذُ بِكَ مِنَ النَّارِ ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत का सवाल करता हूँ और आग से तेरी पनाह माँगता हूँ। 3 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْجَنَّةَ وَمَا قَرَّبَ إِلَيْهَا مِنْ قَوْلٍ أَوْ… ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत का और हर उस बात या काम का सवाल करता हूँ जो मुझे उसके क़रीब कर दे, और मैं आग से और हर उस बात या काम से तेरी पनाह मा… 4 اللَّهُمَّ أَجِرْنِي مِنَ النَّارِ ऐ अल्लाह, मुझे आग से बचा। 5 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ رِضَاكَ وَالْجَنَّةَ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ سَخَطِكَ و… ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरी रज़ा और जन्नत का सवाल करता हूँ, और तेरी नाराज़गी और आग (जहन्नम) से तेरी पनाह माँगता हूँ। 6 رَبَّنَا اصْرِفْ عَنَّا عَذَابَ جَهَنَّمَ إِنَّ عَذَابَهَا كَانَ غَرَامًا ऐ हमारे रब, हमसे जहन्नम के अज़ाब को फेर दे। बेशक उसका अज़ाब चिपक जाने वाला (स्थायी) दुःख है। 7 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْفِرْدَوْسَ الْأَعْلَى مِنَ الْجَنَّةِ ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत के सबसे ऊंचे मकाम, जन्नतुल फ़िरदौस का सवाल करता हूँ। 8 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْجَنَّةَ وَمَا قَرَّبَ إِلَيْهَا مِنْ قَوْلٍ أَوْ… ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत का सवाल करता हूँ और हर उस बात और काम का जो मुझे उसके करीब कर दे। 9 رَبَّنَا أَتْمِمْ لَنَا نُورَنَا وَاغْفِرْ لَنَا إِنَّكَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِ… ऐ हमारे रब, हमारे लिए हमारा नूर मुकम्मल कर दे और हमें माफ़ कर दे, बेशक तू हर चीज़ पर क़ादिर है। 10 اللَّهُمَّ قِنِي عَذَابَكَ يَوْمَ تَبْعَثُ عِبَادَكَ ऐ अल्लाह, मुझे अपने अज़ाब से बचा लेना उस दिन जब तू अपने बंदों को दोबारा उठाएगा। 11 اللَّهُمَّ أَظِلَّنِي فِي ظِلِّكَ يَوْمَ لَا ظِلَّ إِلَّا ظِلُّكَ ऐ अल्लाह! मुझे अपने साये में जगह दे, जिस दिन तेरे साये के अलावा कोई साया न होगा। 12 رَبِّ ابْنِ لِي عِنْدَكَ بَيْتًا فِي الْجَنَّةِ ऐ मेरे रब! मेरे लिए अपने पास जन्नत में एक घर बना दे। 13 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْفِرْدَوْسَ الْأَعْلَى مِنَ الْجَنَّةِ ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत के सबसे ऊंचे मकाम, जन्नतुल फ़िरदौस का सवाल करता हूँ। 14 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الَّذِينَ إِذَا أَحْسَنُوا اسْتَبْشَرُوا وَإِذَا أَسَ… ऐ अल्लाह! मुझे उन लोगों में शामिल कर जो जब नेक काम करें तो खुश हों, और जब उनसे बुराई हो जाए तो माफ़ी माँगते हों। 15 اللَّهُمَّ أَعِذْنِي مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَمِنْ فِتْ… ऐ अल्लाह! मैं जहन्नुम के अज़ाब से, क़ब्र के अज़ाब से, मसीह दज्जाल के फ़ित्ने से, और ज़िंदगी और मौत की आज़माइशों से तेरी पनाह माँगता हूँ। 16 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مُوجِبَاتِ رَحْمَتِكَ وَعَزَائِمَ مَغْفِرَتِكَ وَال… ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी रहमत के सबब बनने वाले कामों, तेरी मग़्फ़िरत को लाज़िम करने वाले आमाल, हर गुनाह से सलामती, हर नेकी में हिस्सेदारी, ज… 17 اللَّهُمَّ ثَبِّتْنِي عِنْدَ السُّؤَالِ ऐ अल्लाह! (क़ब्र के) सवालों के वक़्त मुझे साबित-क़दम (अटल) रख। 18 اللَّهُمَّ نَوِّرْ لِي قَبْرِي وَوَسِّعْ لِي فِيهِ ऐ अल्लाह! मेरी क़ब्र को मेरे लिए रोशन कर दे और इसमें वुसअत (विस्तार) अता फ़रमा। 19 اللَّهُمَّ اجْعَلْ قَبْرِي رَوْضَةً مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِ وَلَا تَجْعَلْهُ حُف… ए अल्लाह, मेरी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उसे जहन्नम के गड्डों में से एक गड्ढा न बना। 20 اللَّهُمَّ اجْعَلْنَا مِنَ السَّابِقِينَ إِلَى الْجَنَّةِ ऐ अल्लाह! हमें जन्नत की तरफ़ पहल करने वालों में शामिल कर। 21 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْجَنَّةَ وَمَا قَرَّبَ إِلَيْهَا مِنْ قَوْلٍ أَوْ… ऐ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत का सवाल करता हूँ और हर उस बात और काम का जो मुझे उसके करीब कर दे।