Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मुझे उन लोगों में बनाओ जो जब अच्छा करें, तो मुस्कुराएँ; और जब गलत करे — आख़िरत

اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الَّذِينَ إِذَا أَحْسَنُوا اسْتَبْشَرُوا وَإِذَا أَسَاءُوا اسْتَغْفَرُوا
लिप्यंतरण: Allaahummaj-'alnee minal-ladheena idhaa ahsanoo-stabsharoo wa idhaa asaa'oo-staghfaroo
अनुवाद: हे अल्लाह, मुझे उन लोगों में बनाओ जो जब अच्छा करें, तो मुस्कुराएँ; और जब गलत करें, तो माफी माँगें।
संदर्भ: Ibn Majah 2:1256
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