अल्लाह, मैं तुझसे इस दिन की अच्छाई, उसकी शुरुआत, उसकी मदद, उसकी रौशनी, उसकी बरकत — जागने के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذَا الْيَوْمِ: فَتْحَهُ وَنَصْرَهُ وَنُورَهُ وَبَرَكَتَهُ وَهُدَاهُ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka khayra haadhal-yawm: fat-hahu wa nasrahu wa noorahu wa barakatahu wa hudaah
अनुवाद: अल्लाह, मैं तुझसे इस दिन की अच्छाई, उसकी शुरुआत, उसकी मदद, उसकी रौशनी, उसकी बरकत और उसकी हिदायत की माँग करता हूँ।
संदर्भ: Abu Dawud 4:322