चिंता
19 दुआएं
1
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ
हे अल्लाह, मैं आपसे चिंता और दुख से refuge माँगता हूँ।
2
لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
तुम्हारे सिवा कोई ईबादत योग्य नहीं है, महिमा तेरी है, वास्तव में मैं दोषियों में से हूँ।
3
اللَّهُمَّ إِنِّي عَبْدُكَ ابْنُ عَبْدِكَ ابْنُ أَمَتِكَ، نَاصِيَتِي بِيَدِكَ، م…
हे अल्लाह, मैं आपका सेवक हूँ, आपके सेवक का पुत्र हूँ, और आपकी सेविका का पुत्र हूँ। मेरी सारी शक्ति आपके हाथ में है। आपका आदेश मुझ पर सदैव ला…
4
حَسْبِيَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَهُوَ رَبُّ الْعَر…
अल्लाह मेरे लिए पर्याप्त है। उसके अलावा कोई ईबादत योग्य नहीं है। मैंने उस पर भरोसा किया है, और वह विशाल सिंहासन का मालिक है।
5
لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
बली का कोई बल या शक्ति नहीं, सिर्फ अल्लाह के साथ है।
6
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ
हे अल्लाह, मैं आपसे कमजोरी और आलस्य से refuge माँगता हूँ।
7
اللَّهُمَّ اكْفِنِي بِحَلَالِكَ عَنْ حَرَامِكَ وَأَغْنِنِي بِفَضْلِكَ عَمَّنْ سِ…
अल्लाह, जो कुछ भी तूं हालाक़ कर दे, उसमें मुझे उपभोग्य बना और तुझसे अलग सभी से स्वतंत्र कर दे।
8
اللَّهُمَّ فَارِجَ الْهَمِّ كَاشِفَ الْغَمِّ مُجِيبَ دَعْوَةِ الْمُضْطَرِّينَ
अल्लाह, चिंता दूर करने वाला, दर्द मिटाने वाला, desperate की पुकार का उत्तर करने वाला।
9
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ وَالْجُبْنِ وَالْهَرَم…
अल्लाह, मैं कमजोरी, आलस्य, कायरता, बुढ़ापा और कुढ़मारी से तेरे पास शरण चाहता हूँ।
10
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ وَالْعَجْزِ وَالْكَسَلِ…
ओ अल्लाह, मैं आपसे चिंता और शोक,योग्यता और आलस्य,कम्मीनपन और कायरता, ॠण का बोझ और मनुष्यों द्वारा परास्त होने से शरण चाहता हूँ। (पूर्ण संस्क…
11
وَأُفَوِّضُ أَمْرِي إِلَى اللَّهِ إِنَّ اللَّهَ بَصِيرٌ بِالْعِبَادِ
और मैं अपना मामला अल्लाह के सुपुर्द करता हूँ। निस्संदेह, अल्लाह अपने बन्दों को देखता है।
12
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ
हे अल्लाह, मैं चिंता और दुख से तुझ में शरण चाहता हूँ।
13
اللَّهُمَّ لَا تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي طَرْفَةَ عَيْنٍ
हे अल्लाह, मुझे एक पल के लिए भी अपने आप पर छोड़ मत देना।
14
اللَّهُمَّ إِنِّي عَبْدُكَ ابْنُ عَبْدِكَ ابْنُ أَمَتِكَ نَاصِيَتِي بِيَدِكَ مَا…
अल्लाह, मैं आपका सेवक हूं, आपके सेवक का पुत्र हूं, और आपकी मलीक़न का बेटा हूं। मेरी भौहें आपके हाथ में हैं। आपका आदेश मेरे ऊपर सदैव चलता रहत…
15
اللَّهُمَّ اجْعَلْ لِي مِنْ أَمْرِي يُسْرًا
हे अल्लाह, मेरे मामलों को आसान कर दे।
16
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ السَّكِينَةَ وَالطُّمَأْنِينَةَ
हे अल्लाह, मुझे शांति और मन की शांति दें।
17
أَلَا بِذِكْرِ اللَّهِ تَطْمَئِنُّ الْقُلُوبُ
बिना शक के, अल्लाह की याद से दिलों को सुकून मिलता है। (स्मरण वचन)
18
اللَّهُمَّ اجْعَلْ هَمِّي هَمَّ الْآخِرَةِ وَاجْعَلْ غِنَايَ فِي قَلْبِي وَاجْمَ…
हे अल्लाह, मेरी चिंता को आख़िरत की चिंता बनाओ, मेरी दौलत को मेरे हृदय में रखो, और मेरे मामले सुलझाओ।
19
لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
तुम्हारे सिवाय कोई ईश्वर नहीं; तुम पवित्र हो। वास्तव में, मैं अपने आप पर अत्याचार करने वालों में से हूँ।