ऐ अल्लाह! मेरी फ़िक्र को आख़िरत की फ़िक्र बना दे, मेरे दिल में बेनियाज़ी पैदा कर — चिंता
اللَّهُمَّ اجْعَلْ هَمِّي هَمَّ الْآخِرَةِ وَاجْعَلْ غِنَايَ فِي قَلْبِي وَاجْمَعْ لِي شَمْلِي
लिप्यंतरण: Allaahummaj-'al hammee hammal-aakhirati waj'al ghinaaya fee qalbee wajma' lee shamlee
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मेरी फ़िक्र को आख़िरत की फ़िक्र बना दे, मेरे दिल में बेनियाज़ी पैदा कर दे और मेरे मामलात को संवार दे।
संदर्भ: Tirmidhi 5:499