Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मेरी चिंता को आख़िरत की चिंता बनाओ, मेरी दौलत को मेरे हृदय में रखो, औ — चिंता

اللَّهُمَّ اجْعَلْ هَمِّي هَمَّ الْآخِرَةِ وَاجْعَلْ غِنَايَ فِي قَلْبِي وَاجْمَعْ لِي شَمْلِي
लिप्यंतरण: Allaahummaj-'al hammee hammal-aakhirati waj'al ghinaaya fee qalbee wajma' lee shamlee
अनुवाद: हे अल्लाह, मेरी चिंता को आख़िरत की चिंता बनाओ, मेरी दौलत को मेरे हृदय में रखो, और मेरे मामले सुलझाओ।
संदर्भ: Tirmidhi 5:499
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