ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दीन, दुनिया और आखिरत में माफी, आफियत और मुस्तकिल सलामती का स — दैनिक दुआएं
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَفْوَ وَالْعَافِيَةَ وَالْمُعَافَاةَ الدَّائِمَةَ فِي الدِّينِ وَالدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'alukal-'afwa wal-'aafiyata wal-mu'aafaatad-daa'imata fid-deeni wad-dunyaa wal-aakhirah
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दीन, दुनिया और आखिरत में माफी, आफियत और मुस्तकिल सलामती का सवाल करता हूँ।
संदर्भ: Abu Dawud 4:318