Qurani·قرآني
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ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दुनिया और आख़िरत में आफ़ियत (सलामती) का सवाल करता हूँ। — दैनिक दुआएं

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'alukal-'aafiyata fid-dunyaa wal-aakhirah
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दुनिया और आख़िरत में आफ़ियत (सलामती) का सवाल करता हूँ।
संदर्भ: Ibn Majah 2:332
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