Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मैं अपने कर्मों की बुराई और उन असामाजिक कार्यों से आप की शरण मांगता ह — दैनिक दुआएं

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا عَمِلْتُ وَشَرِّ مَا لَمْ أَعْمَلْ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika min sharri maa 'amiltu wa sharri maa lam a'mal
अनुवाद: हे अल्लाह, मैं अपने कर्मों की बुराई और उन असामाजिक कार्यों से आप की शरण मांगता हूं जो मैंने किए हैं और जो नहीं किए।
संदर्भ: Muslim 4:2085
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