ऐ अल्लाह! अपने ग़ैब के इल्म और मख़्लूक़ पर अपनी कु़दरत के वास्ते, मुझे तब तक ज़ि — दैनिक दुआएं
اللَّهُمَّ بِعِلْمِكَ الْغَيْبِ وَقُدْرَتِكَ عَلَى الْخَلْقِ أَحْيِنِي مَا عَلِمْتَ الْحَيَاةَ خَيْرًا لِي
लिप्यंतरण: Allaahumma bi'ilmikal-ghaybi wa qudratika 'alal-khalqi ahyinee maa 'alimtal-hayaata khayran lee
अनुवाद: ऐ अल्लाह! अपने ग़ैब के इल्म और मख़्लूक़ पर अपनी कु़दरत के वास्ते, मुझे तब तक ज़िंदा रख जब तक तू जानता है कि ज़िंदगी मेरे लिए बेहतर है।
संदर्भ: An-Nasa'i 3:54