Qurani·قرآني
हिन्दी

हे अल्लाह, मैं आपके चेहरे की रौशनी में शरण चाहता हूँ, जिसके द्वारा सभी अंधकार मि — दैनिक दुआएं

اللَّهُمَّ أَعُوذُ بِنُورِ وَجْهِكَ الَّذِي أَشْرَقَتْ لَهُ الظُّلُمَاتُ
लिप्यंतरण: Allaahumma a'oodhu binoori wajhikal-ladhee ashraqat lahudh-dhulumaat
अनुवाद: हे अल्लाह, मैं आपके चेहरे की रौशनी में शरण चाहता हूँ, जिसके द्वारा सभी अंधकार मिट जाते हैं।
संदर्भ: At-Tabarani, Ibn Hibban
श्रेणी पर लौटें Qurani ऐप में खोलें