Qurani·قرآني
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ऐ अल्लाह, मैं फ़ितनों (आज़माइशों) से तेरी पनाह माँगता हूँ, चाहे वे ज़ाहिर हों या — दैनिक दुआएं

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْفِتَنِ مَا ظَهَرَ مِنْهَا وَمَا بَطَنَ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika minal-fitani maa dhahara minhaa wa maa batan
अनुवाद: ऐ अल्लाह, मैं फ़ितनों (आज़माइशों) से तेरी पनाह माँगता हूँ, चाहे वे ज़ाहिर हों या छुपे हुए।
संदर्भ: Muslim 4:2087
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