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ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह चाहता हूँ तेरी नेमत के छिन जाने से, तेरी दी हुई आफ़ियत क — दैनिक दुआएं

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ زَوَالِ نِعْمَتِكَ، وَتَحَوُّلِ عَافِيَتِكَ، وَفُجَاءَةِ نِقْمَتِكَ، وَجَمِيعِ سَخَطِكَ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika min zawaali ni'matik, wa tahawwuli 'aafiyatik, wa fujaa'ati niqmatik, wa jamee'i sakhatik
अनुवाद: ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह चाहता हूँ तेरी नेमत के छिन जाने से, तेरी दी हुई आफ़ियत के बदल जाने से, तेरे अचानक आने वाले अज़ाब से और तेरी हर तरह की नाराज़गी से।
संदर्भ: Muslim 4:2097
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