Qurani·قرآني
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रोज़ा

12 दुआएं

1 اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ अल्लाह, मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान भी रखा, और अपने पेट को तेरी नियामत से तोड़ा। 2 ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ प्यास बुझ गई, नसें नम हो गईं, और इनाम पुष्ट हो गया, यदि अल्लाह चाहें। (तरावीह के समय) 3 اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي अल्लाह, आप माफ़ करने वाले हैं, आपको माफ़ करना पसंद है, तो मुझे माफ़ कर दीजिए। (Laylat al-Qadr के दुआ) 4 اللَّهُمَّ إِنِّي صَائِمٌ اللَّهُمَّ لَا تَحْرِمْنِي أَجْرَ الصَّائِمِينَ हे अल्लाह, मैं व्रत रख रहा हूँ। हे अल्लाह, मुझे उनके पुरस्कार से वंचित न करो जो रोजा रखते हैं। 5 اللَّهُمَّ بَلِّغْنَا رَمَضَانَ हे अल्लाह, हमें रमज़ान तक पहुँचाओ। 6 اللَّهُمَّ تَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ وَتُبْ عَلَيْنَ… हे अल्लाह, हमसे स्वीकार करो, क्योंकि तुम सबका सुनने वाला, जानने वाला हो। और हमारे तौबा को स्वीकार करो, क्योंकि तुम ही स्वीकर्ता हो, रहम करने… 7 اللَّهُمَّ إِنِّي صَائِمٌ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ … ओ अल्लाह, मैंने तीर्थयात्रा की है, अपने प्रावधान से मैं इबादा तोड़ता हूँ, आप पर मैं विश्वास रखता हूँ, और आप पर ही भरोसा करता हूँ। 8 ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ प्यास दूर हो गई, नसें नम हो गईं, और इनाम मिल गया है, अगर अल्लाह चाहता हो। (रोज़े तोड़ने के समय) 9 اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ अल्लाह, तेरे लिए मैंने रोज़ा रखा और तेरी provision से ही मैं अपना व्रत तोड़ता हूँ। 10 اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الَّتِي وَسِعَتْ كُلَّ شَيْءٍ أَنْ تَغ… अल्लाह, मैं आपसे अपनी कृपा से जो हर चीज़ को समेटती है, मुझे माफ़ करने की माँग करता हूँ। (इफ्तार के समय दुआ) 11 اللَّهُمَّ إِنِّي صَائِمٌ وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ हे अल्लाह, मैं रोज़ा रख रहा हूं और आपके अनुकंपा से आपसे मांगता हूं। 12 اللَّهُمَّ اجْعَلْنَا مِنَ الصَّائِمِينَ الْقَائِمِينَ हे अल्लाह, हमें रोज़ा रखने वाले और रात की नमाज़ पढ़ने वाले बनाओ।