अल्लाह, तेरे लिए मैंने रोज़ा रखा और तेरी provision से ही मैं अपना व्रत तोड़ता हू — रोज़ा
اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
लिप्यंतरण: Allaahumma laka sumtu wa 'alaa rizqika aftart
अनुवाद: अल्लाह, तेरे लिए मैंने रोज़ा रखा और तेरी provision से ही मैं अपना व्रत तोड़ता हूँ।
संदर्भ: Abu Dawud 2:306