Qurani·قرآني
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प्यास बुझ गई, नसें नम हो गईं, और इनाम पुष्ट हो गया, यदि अल्लाह चाहें। (तरावीह के — रोज़ा

ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
लिप्यंतरण: Dhahabadh-dhama'u wabtallatil-'urooqu wa thabatal-ajru in shaa' Allaah
अनुवाद: प्यास बुझ गई, नसें नम हो गईं, और इनाम पुष्ट हो गया, यदि अल्लाह चाहें। (तरावीह के समय)
संदर्भ: Abu Dawud 2:306
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