सब्र
14 दुआएं
1
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ
हमारे मालिक, हमें सब्र दो और हमें मुसलमानों के रूप में मौत दो।
2
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى ال…
हमारे मालिक, हम पर सब्र डालो, हमारे कदम मजबूत करो, और अविश्वासियों पर विजय दो।
3
إِنَّمَا يُوَفَّى الصَّابِرُونَ أَجْرَهُمْ بِغَيْرِ حِسَابٍ
वास्तव में, धैर्यशील लोगों को उनकी बाध्यताओं के बिना उनके इनाम मिलेंगे। (स्मरणी verses)
4
فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
बिलकुल, कठिनाई के साथ आसानिय भी है। वास्तव में, कठिनाई के साथ आसानी भी है। (स्मरण का वाक्य)
5
وَبَشِّرِ الصَّابِرِينَ الَّذِينَ إِذَا أَصَابَتْهُمْ مُصِيبَةٌ قَالُوا إِنَّا ل…
और धैर्यवान लोगों को शुभ समाचार दो — जो जब कोई विपदा उनके पास आती है तो कहते हैं: हम तो अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटेंगे।
6
وَاصْبِرْ وَمَا صَبْرُكَ إِلَّا بِاللَّهِ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَلَا تَكُ ف…
और धैर्य रखो, और तुम्हारा धैर्य केवल अल्लाह के ही माध्यम से है। उनके बारे में दुख ना मनाओ, और उनके षड्यंत्र पर चिंता मत करो। (स्मरण का वाक्य…
7
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ
हमारे मालिक, हमें धैर्य प्रदान करो और हमें मुसलमानों के रूप में मृत्यु दीजिए।
8
وَاصْبِرْ فَإِنَّ اللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ الْمُحْسِنِينَ
और धैर्य रखो, निस्संदेह अल्लाह अच्छे करने वालों का इनाम खोने नहीं देता। (स्मरण वाक्य)
9
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى ال…
हमारे स्वामी, हमारे ऊपर सब्र बरसाओ, हमारे कदम मजबूत करो, और हमें उस अविश्वासी लोगों पर विजय दो।
10
إِنَّمَا يُوَفَّى الصَّابِرُونَ أَجْرَهُمْ بِغَيْرِ حِسَابٍ
सचमुच, धैर्यवान को उनके अंजाम बिना हिसाब के मिलेगा। (याद दिलाने वाली आयत)
11
اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي صَبُورًا وَاجْعَلْنِي شَكُورًا
अल्लाह, मुझे धैर्यवान बनाओ और मुझे आभारी बनाओ।
12
اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي عِنْدَ الْبَلَاءِ صَابِرًا وَعِنْدَ النِّعْمَةِ شَاكِرًا و…
हे अल्लाह, मुझे कठिनाई में धैर्यवान बनाओ, आशीर्वाद में आभारी बनाओ, और पापों से तौबा करने वाला बनाओ।
13
اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي الصَّبْرَ عِنْدَ الْبَلَاءِ وَالشُّكْرَ عِنْدَ الرَّخَاءِ
हे अल्लाह, मुझे विपत्ति में सब्र और खुशहाली में शुक्रगुज़ारी दो।
14
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ
हमारे रब, हम पर धैर्य बरसाओ, और हमें मुसलमानों की ग्रामीण मौतें करो।