Qurani·قرآني
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सब्र

14 दुआएं

1 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ ऐ हमारे रब! हम पर सब्र उँडेल दे और हमें इस्लाम की हालत में मौत अता कर। 2 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى ال… ऐ हमारे रब, हम पर सब्र उंडेल दे, हमारे क़दम जमाए रख और काफ़िरों की क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा। 3 إِنَّمَا يُوَفَّى الصَّابِرُونَ أَجْرَهُمْ بِغَيْرِ حِسَابٍ बेशक सब्र करने वालों को उनका बदला बेहिसाब दिया जाएगा। 4 فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا बेशक मुश्किल के साथ आसानी है। बेशक मुश्किल के साथ आसानी है। 5 وَبَشِّرِ الصَّابِرِينَ الَّذِينَ إِذَا أَصَابَتْهُمْ مُصِيبَةٌ قَالُوا إِنَّا ل… और सब्र करने वालों को खुशखबरी दे दीजिए, कि जब उन पर कोई मुसीबत आती है तो वे कहते हैं: "बेशक हम अल्लाह ही के हैं और हमें उसी की तरफ लौटकर जान… 6 وَاصْبِرْ وَمَا صَبْرُكَ إِلَّا بِاللَّهِ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَلَا تَكُ ف… और सब्र कीजिए, और आपका सब्र करना अल्लाह ही की मदद से है, और उन पर गम न कीजिए और जो चालें वे चल रहे हैं उनसे तंगदिल न हों। 7 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ ऐ हमारे रब! हम पर सब्र उँडेल दे और हमें इस्लाम की हालत में मौत अता कर। 8 وَاصْبِرْ فَإِنَّ اللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ الْمُحْسِنِينَ और सब्र करो, क्योंकि अल्लाह नेकी करने वालों का बदला ज़ाया (व्यर्थ) नहीं करता। 9 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى ال… ऐ हमारे रब, हम पर सब्र उंडेल दे, हमारे क़दम जमाए रख और काफ़िरों की क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा। 10 إِنَّمَا يُوَفَّى الصَّابِرُونَ أَجْرَهُمْ بِغَيْرِ حِسَابٍ बेशक सब्र करने वालों को उनका बदला बेहिसाब दिया जाएगा। 11 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي صَبُورًا وَاجْعَلْنِي شَكُورًا ऐ अल्लाह! मुझे बहुत सब्र करने वाला और बहुत शुक्र करने वाला बना। 12 اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي عِنْدَ الْبَلَاءِ صَابِرًا وَعِنْدَ النِّعْمَةِ شَاكِرًا و… ऐ अल्लाह, मुझे मुसीबत के वक्त सब्र करने वाला, नेमत के वक्त शुक्र करने वाला और गुनाह के वक्त माफ़ी मांगने वाला बना दे। 13 اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي الصَّبْرَ عِنْدَ الْبَلَاءِ وَالشُّكْرَ عِنْدَ الرَّخَاءِ ऐ अल्लाह, मुझे मुसीबत में सब्र और खुशहाली में शुक्र अता फरमा। 14 رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ ऐ हमारे रब! हम पर सब्र उँडेल दे और हमें इस्लाम की हालत में मौत अता कर।