Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मैं तुम्हारे Noble Face और तुम्हारे पूरे शब्दों में शरण चाहتا हूँ, हर — हिफ़ाज़त

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِوَجْهِكَ الْكَرِيمِ وَكَلِمَاتِكَ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا أَنْتَ آخِذٌ بِنَاصِيَتِهِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu biwajhikal-kareemi wa kalimaatikat-taammaati min sharri maa anta aakhidhun binaasiyatih
अनुवाद: हे अल्लाह, मैं तुम्हारे Noble Face और तुम्हारे पूरे शब्दों में शरण चाहتا हूँ, हर उस चीज़ की बुरी बातों से जिसका ताज तुम्हारे पास है।
संदर्भ: Abu Dawud 4:321
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