खाना-पीना
28 दुआएं
1
بِسْمِ اللَّهِ
अल्लाह हमारे लिए इसे बरकत वाला कर दे और हमें इससे बेहतर खुराक दे। (दूध पीने के बाद)
2
بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ
अल्लाह हमारे लिए इसे बरकत वाला कर दे और हमें és से अधिक प्रदान कर। (दूध पीने के बाद)
3
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِن…
Praise is to Allah Who has fed me this and provided it for me without any strength or power from me. (After eating)
4
الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ، غَيْرَ مَكْفِيٍّ و…
Praise is to Allah with an abundant, beautiful, blessed praise. He is the One Who is sufficient, Who feeds and is never fed, The One Who is …
5
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيهِ وَأَطْعِمْنَا خَيْرًا مِنْهُ
O Allah, bless it for us and feed us better than it. (After drinking milk)
6
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيهِ وَزِدْنَا مِنْهُ
O Allah, bless it for us and give us more of it. (After drinking milk)
7
بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ
अल्लाह के नाम पर, मैं अपने भरोसे का अहसास अल्लाह पर करता हूँ। (पानी पीने से पहले)
8
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي سَقَانَا عَذْبًا فُرَاتًا بِرَحْمَتِهِ وَلَمْ يَجْعَلْ…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें अपने करम से मीठा, ताजा पानी दिया और हमारे गुनाहों के कारण इसे खारा और कड़वा न बनाया।
9
اللَّهُمَّ أَطْعِمْ مَنْ أَطْعَمَنِي وَاسْقِ مَنْ سَقَانِي
ऐ अल्लाह, उस को खिलाओ जिसने मुझे खिलाया और उस को पानी दो जिसने मुझे पानी दिया। (होस्ट के लिए दुआ)
10
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيمَا رَزَقْتَنَا وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ بِسْمِ اللَ…
ऐ अल्लाह, हमें उस में बरکت करें जो आपने हमें प्रदान किया है, हमें आग की सजा से बचाएं। अल्लाह के नाम से।
11
اللَّهُمَّ أَطْعِمْ مَنْ أَطْعَمَنِي وَاسْقِ مَنْ سَقَانِي
ऐ अल्लाह, उस को खिलाओ जिसने मुझे खिलाया और उस को पानी दो जिसने मुझे पानी दिया। (मेजबान के लिए दुआ)
12
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مُسْلِمِينَ
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें खिलाया, हमें पेय दिया और हमें मुसलमान बनाया। (खाने के बाद)
13
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي طَعَامِنَا وَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَا
ऐ अल्लाह, हमें हमारे भोजन में बरकत दो, हमें माफ़ कर दो और हम पर रहम करो।
14
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें खिलाया, पीने का पानी दिया, हमें खिलाऊ और मुसलमान बनाया।
15
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيمَا رَزَقْتَنَا وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
ऐ अल्लाह, हमें उस में बरकत करें जो आपने हमारे लिए रखा है और हमें आग के दंड से सुरक्षित रखें।
16
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, दयालु, मेहरबान। (खाने से पहले)
17
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَكَفَانَا وَآوَانَا فَكَمْ مِم…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें खिलाया, हमें पेय दिया, हमारी जरूरत पूरी की, और हमें आश्रय प्रदान किया — कितनों के पास न तो एक है जो …
18
بِسْمِ اللَّهِ وَعَلَى بَرَكَةِ اللَّهِ
अल्लाह के नाम पर और अल्लाह के blessings के साथ।
19
بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ
अल्लाह के नाम से, शुरुआत और अंत में। (अगर बिस्मिल्लाह कहना भूले तो)
20
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا الطَّعَامَ وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने मुझे यह खाना दिया और बिना मेरी ताकत या शक्ति के यह प्रदान किया। (सभी पाप माफ़)
21
الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ غَيْرَ مَكْفِيٍّ وَ…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, असीम, खुशबूदार, बारकत वाली प्रशंसा — कभी पूरी नहीं, कभी नहीं छोड़ी, अनिवार्य, हमारा मालिक।
22
اللَّهُمَّ أَطْعَمْتَ وَأَسْقَيْتَ وَأَغْنَيْتَ وَأَقْنَيْتَ وَهَدَيْتَ وَأَحْيَ…
ऐ अल्लाह, तूने हमें खिलाया, पानी दिया, सम्पन्न किया, पूरी किया, मार्गदर्शन किया, और जीवन दिया। इसलिए, तेरे लिए प्रशंसा है उस के लिए जो तूने …
23
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي هَدَانَا لِهَذَا وَمَا كُنَّا لِنَهْتَدِيَ لَوْلَا أَن…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें इस तरफ मार्गदर्शन किया। यदि अल्लाह हमें मार्गदर्शन न देता तो हम कभी मार्गदर्शन पाते। (खाने के बाद — …
24
بِسْمِ اللَّهِ
अल्लाह के नाम से। (प्रत्येक भोजन से पहले)
25
اللَّهُمَّ أَطْعِمْ مَنْ أَطْعَمَنِي وَاسْقِ مَنْ سَقَانِي
ऐ अल्लाह, उस को खिलाओ जिसने मुझे खिलाया और उस को पानी दो जिसने मुझे पानी दिया।
26
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي هَدَانَا لِهَذَا وَمَا كُنَّا لِنَهْتَدِيَ لَوْلَا أَن…
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने हमें इस तक पहुंचाया, और यदि अल्लाह हमें मार्गदर्शन न करता तो हम कभी मार्गदर्शन न पाते। (खाने के बाद कृतज्…
27
اللَّهُمَّ اجْعَلْ هَذَا الطَّعَامَ قُوَّةً لَنَا عَلَى طَاعَتِكَ
ऐ अल्लाह, इस भोजन को हमारे लिए तेरे आज्ञाकारी होने में ताकत बनाओ।
28
الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ غَيْرَ مَكْفِيٍّ وَ…
सभी प्रशंसाएँ अल्लाह ही के लिए हैं, असीम, शुद्ध और बारकत वाली प्रशंसा। एक ऐसी प्रशंसा जो कभी समाप्त न हो, कभी छोड़ी न जाए, और हमेशा जरूरी हो…