ऐ अल्लाह, हमें उस में बरकत करें जो आपने हमारे लिए रखा है और हमें आग के दंड से सु — खाना-पीना
اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيمَا رَزَقْتَنَا وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
लिप्यंतरण: Allaahumma baarik lanaa feemaa razaqtanaa wa qinaa 'adhaaban-naar
अनुवाद: ऐ अल्लाह, हमें उस में बरकत करें जो आपने हमारे लिए रखा है और हमें आग के दंड से सुरक्षित रखें।
संदर्भ: Ibn as-Sunni