प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, असीम, खुशबूदार, बारकत वाली प्रशंसा — कभी पूरी नहीं, — खाना-पीना
الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ غَيْرَ مَكْفِيٍّ وَلَا مُوَدَّعٍ وَلَا مُسْتَغْنًى عَنْهُ رَبَّنَا
लिप्यंतरण: Alhamdu lillaahi hamdan katheeran tayyiban mubaarakan feehi ghayra makfiyyin wa laa muwadda'in wa laa mustaghnan 'anhu rabbanaa
अनुवाद: प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, असीम, खुशबूदार, बारकत वाली प्रशंसा — कभी पूरी नहीं, कभी नहीं छोड़ी, अनिवार्य, हमारा मालिक।
संदर्भ: Bukhari 6:214