सूरह Al-Kahf — पवित्र क़ुरआन का 18वाँ अध्याय, 110 आयतों वाली एक मक्की सूरह।
पूर्णता और प्रताप के गुणों के साथ सब प्रशंसा तथा खुली एवं छिपी नेमतों पर हर प्रकार की स्तुति अकेले अल्लाह के लिए है, जिसने अपने बंदे और रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर क़ुरआन अवतिरत किया और इस क़ुरआन में कोई टेढ़ापन और सत्य से झुकाव नहीं रखा है।