मैं तुम्हें अल्लाह के हवाले करता हूँ, जिसका विश्वास कभी खोता नहीं। (विदाई के समय — सफ़र के अज़कार
أَسْتَوْدِعُكُمُ اللَّهَ الَّذِي لَا تَضِيعُ وَدَائِعُهُ
लिप्यंतरण: Astawdi'ukumullaahul-ladhee laa tadee'u wadaa'i'uh
अनुवाद: मैं तुम्हें अल्लाह के हवाले करता हूँ, जिसका विश्वास कभी खोता नहीं। (विदाई के समय यात्रा करने वालों से)
संदर्भ: Ahmad, Ibn Majah